एजेंसियां — मुंबई, महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बाद एक अजीबोगरीब राजनीतिक स्थिति पैदा हो गई है। राज्य में एक-दूसरे के धुर विरोधी दल भाजपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम सत्ता के लिए एक साथ आ गए। अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस-एनसीपी से हाथ मिलाया। वहीं, अकोला जिला के अकोट नगर परिषद में भाजपा ने असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया। हालांकि ये गठबंधन कुछ ही घंटों में टूट गया। इस घटनाक्रम ने न केवल महायुति गठबंधन में दरार डाल दी, बल्कि राज्य की राजनीति में नैतिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाते हुए इन अप्राकृतिक गठबंधनों को तुरंत खत्म करने का निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं अब कांग्रेस ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। कांग्रेस ने गठबंधन के दम पर जीते अपने 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया। बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की पार्टी का खेल बिगाडऩे के लिए दोनों दल साथ आए थे, लेकिन ये समीकरण ज्यादा नहीं टिक पाया। अब कांग्रेस ने अंबरनाथ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को सस्पेंड किया है। बीजेपी के साथ स्थानीय स्तर पर अलायंस करने के लिए उन पर एक्शन हुआ है। स्थानीय युनिट को भी भंग कर दिया गया है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने अंबरनाथ से जीते सभी 12 पार्षदों को भी सस्पेंड कर दिया है।

