सर्दियों में ठंडी हवा और फर्श की ठंडक सीधे शरीर के अंदर तक पहुंचती है और सबसे ज्यादा असर पैरों पर पड़ता है.ऐसे में अगर पैरों को गर्म और साफ नहीं रखा जाए तो नींद में परेशानी, पैरों की जकड़न, ऐंठन और दर्द जैसी समस्याएं सामने आती हैं.आयुर्वेद के अनुसार, पैरों में लगभग 72,000 नाड़ियां होती हैं, जो शरीर के बाकी अंगों और मस्तिष्क से जुड़ी होती हैं.इस वजह से पैरों की ठंडक सिर्फ पैरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरी बॉडी और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है. सर्दियों में ठंड, रुखापन और भारीपन वात दोष को बढ़ाते हैं.जब वात असंतुलित होता है तो नसों में जकड़न, शरीर में थकान, नींद की कमी और कभी-कभी पाचन संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं, इसलिए पैरों को गर्म और रिलैक्स रखना आयुर्वेद में बहुत महत्व रखता है.

घर पर एक आसान उपाय यह है कि रात को सोने से पहले पैरों को गुनगुने पानी में 5-10 मिनट तक डालें.इसमें चाहें तो सेंधा नमक या तिल/सरसों का तेल डाल सकते हैं.इससे नसों को गर्माहट मिलती है, रक्त संचार बढ़ता है, और शरीर और मन दोनों ही शांत हो जाते हैं.

पैर धोने के बाद हल्का तेल या घी लगाना भी फायदेमंद होता है.यह न सिर्फ एड़ियों को फटने से बचाता है, बल्कि पैरों की त्वचा को नरम और मुलायम बनाता है.अगर बहुत ज्यादा थकान या तनाव है तो पानी में 1-2 बूंद नीलगिरी या लैवेंडर का तेल डालें. इसकी खुशबू सीधे मस्तिष्क के लिम्बिक सिस्टम पर असर डालती है और मानसिक तनाव कम कर देती है.नियमित रूप से ऐसा करने से नींद जल्दी आती है, दिनभर की थकान कम होती है और सर्दियों में पैरों की ठंडक से जुड़ी तमाम परेशानियां दूर रहती हैं.

पैरों की देखभाल सिर्फ शरीर को गर्म रखने के लिए नहीं, बल्कि नींद, मानसिक शांति और पूरे स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है.छोटे-छोटे कदम जैसे गुनगुना पानी, हल्का तेल और सूती मोजे पहनना आपकी रातों को आरामदायक बना सकते हैं और सर्दियों में शरीर और मन दोनों को मजबूत रखते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
Exit mobile version