Stock Market Open on Sunday: बजट 2026 के लिए 1 फरवरी को संडे होने के बावजूद शेयर मार्केट खुला रहने वाला है. जानिए ट्रेडिंग का समय और टैक्स में मिलने वाली संभावित राहत की पूरी जानकारी क्या है.
शेयर मार्केट के दीवानों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है. इस साल 1 फरवरी को संडे होने के बावजूद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पूरी तरह खुले रहने वाले है. असल में 16 जनवरी को ही यह साफ कर दिया गया था कि बजट के चलते मार्केट में लाइव ट्रेडिंग होगी. सुबह 9:15 बजे से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक आप नॉर्मल दिनों की तरह ही शेयरों की खरीद-फरोख्त कर पाएंगे. ये फैसला इसलिए लिया गया है ताकि बजट की बड़ी घोषणाओं पर मार्केट तुरंत रिएक्ट कर सके और इन्वेस्टर्स को कोई मौका न छूटे.
क्या संडे को बजट पेश करना कोई नई बात है?
लोकसभा स्पीकर ने पहले ही कन्फर्म कर दिया था कि 1 फरवरी की सुबह 11 बजे बजट पेश किया जाएगा. वैसे पिछले कुछ सालों से 1 फरवरी ही बजट की पक्की तारीख बन गई है, चाहे उस दिन कोई भी वार हो. मजे की बात ये है कि इससे पहले भी 2015, 2020 और पिछले साल यानी 2025 में शनिवार के दिन बजट आया था और तब भी मार्केट खुला रखा गया था. इस बार फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है. बजट से ठीक पहले इकोनॉमिक सर्वे भी आएगा, जहां चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर देश की आर्थिक सेहत का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलने वाले है.
आखिर बजट में ऐसा क्या होता है जो मार्केट इतना एक्साइटेड है?
आसान भाषा में कहें तो बजट सरकार की कमाई और खर्चे का पूरा हिसाब-किताब होता है. सरकार किन नई स्कीमों पर पैसा लगाएगी और टैक्स के नियम क्या होंगे, ये सब इसी दिन पता चलता है. डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स इस भारी-भरकम डॉक्यूमेंट को तैयार करता है. शेयर बाजार के लिए ये दिन इसलिए जरूरी है क्योंकि यहां से तय होता है कि आने वाले समय में कौन से सेक्टर चमकेंगे और कहां निवेशकों का पैसा डूबेगा या बढ़ेगा. मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बार सरकारी तिजोरी के साथ-साथ आम जनता की जेब पर भी है.
क्या इस बार टैक्स कम होगा और आपकी जेब भरेगी?
इस बार इन्वेस्टर्स और यंग ट्रेडर्स की सरकार से काफी उम्मीदें हैं. मार्केट में लोग मांग कर रहे हैं कि ‘कैपिटल गेन्स टैक्स’ को थोड़ा कम किया जाए ताकि जो मुनाफा हो, उसका बड़ा हिस्सा टैक्स में न चला जाए. साथ ही लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट के नियमों को आसान बनाने की बात भी हो रही है. लोग चाहते हैं कि इंडेक्सेशन के फायदे वापस मिलें ताकि महंगाई के हिसाब से टैक्स में राहत मिल सके. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव रहा है, ऐसे में अगर टैक्स कम होता है तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे ज्यादा जोश के साथ इन्वेस्ट कर पाएंगे.

