डेस्क : डायबिटीज़ (Diabetes) के मरीजों के लिए चावल का चुनाव हमेशा आसान नहीं होता। न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, सभी तरह के चावल शरीर पर एक जैसा असर नहीं डालते। कुछ चावलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जो ब्लड शुगर (Blood Sugar) को धीरे-धीरे बढ़ाता है। ऐसे चावल खाने से आप स्वाद का आनंद ले सकते हैं और शुगर को कंट्रोल में भी रख सकते हैं।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) क्या है?

ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) यह बताता है कि कोई खास खाना खाने के बाद ब्लड शुगर कितनी जल्दी बढ़ता है।
हाई GI वाले फूड्स जल्दी टूटते हैं और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाते हैं।
लो GI वाले फूड्स धीरे-धीरे पचते हैं और शुगर धीरे-धीरे रिलीज़ होती है।
सफेद चावल का GI लगभग 70–90 होता है, इसलिए ये डायबिटीज़ वालों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।

डायबिटीज़ के मरीजों के लिए 5 बेहतरीन चावल

रेड राइस (Red Rice)

रेड राइस (Red Rice) में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 45–52 होता है, जो इसे डायबिटीज़ के मरीजों के लिए ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार बनाता है। यह फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जिससे शरीर में सूजन कम होती है और इंसुलिन का स्तर बेहतर तरीके से सपोर्ट होता है। रेड राइस को सलाद, साइड डिश या साधारण खाने के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका हल्का नटी स्वाद और पौष्टिकता इसे रोज़ाना आहार में शामिल करने के लिए उपयुक्त बनाती है।

ब्लैक राइस (Black Rice / Forbidden Rice)

ब्लैक राइस (Black Rice / Forbidden Rice) में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 35–45 होता है, जो इसे डायबिटीज़ के मरीजों के लिए ब्लड शुगर कंट्रोल में बहुत उपयोगी बनाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर होता है, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने में मदद करता है। ब्लैक राइस को सलाद, साइड डिश या हल्के व्यंजन के रूप में खाया जा सकता है। इसका गहरा रंग और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर प्रोफाइल इसे स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है।

ब्राउन राइस (Brown Rice)

ब्राउन राइस (Brown Rice) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 50 है, जिससे यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है। यह फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो दिल की सेहत को बनाए रखने और शुगर कंट्रोल में सहायक होते हैं। ब्राउन राइस रोज़ाना खाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसका हल्का और पौष्टिक स्वाद इसे किसी भी भोजन के साथ आसानी से शामिल करने योग्य बनाता है।

बासमती राइस (Basmati Rice)

बासमती राइस (Basmati Rice) में सफेद बासमती का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 58 होता है, जबकि ब्राउन बासमती का GI थोड़ा कम होता है। ब्राउन बासमती में बाहरी लेयर होने के कारण फाइबर और न्यूट्रिएंट्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी बन जाता है। इसे सब्ज़ियों या प्रोटीन के साथ खाया जा सकता है। इसकी खुशबूदार और हल्की प्रकृति इसे खाने में स्वादिष्ट और पसंदीदा विकल्प बनाती है। 

वाइल्ड राइस (Wild Rice)

वाइल्ड राइस (Wild Rice) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 35–40 के बीच होता है, जो इसे ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है। आधा कप में कम कार्ब्स और फाइबर होने के कारण यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। इसे सब्ज़ियों या ग्रिल्ड खाने के साथ खाया जा सकता है। इसका हल्का स्वाद और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर गुण इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी बनाते हैं।

विशेषज्ञ की सलाह

न्यूट्रिशनिस्ट कहती हैं, डायबिटीज़ में चावल का चुनाव करते समय हमेशा GI और फाइबर पर ध्यान दें। सफेद चावल की जगह रेड, ब्लैक या ब्राउन राइस जैसी वैरायटी चुनें। ये ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं और स्वाद भी बढ़ाते हैं।

जरूरी टिप्स

चावल को सब्ज़ियों और प्रोटीन के साथ खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है।
लो GI वाले चावल सप्ताह में कई बार खाए जा सकते हैं।
डायबिटीज़ के मरीजों को ब्लड शुगर मॉनिटर करना चाहिए।

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)

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