सोशल मीडिया पर लोग कई तरह के दावे करते हैं. कोई खुद को सेल्फ प्रोक्लेम्ड भगवान बताने लगता है तो किसी का दावा है कि वो चमत्कार कर सकता है. ऐसे भी कई लोग हैं जो खुद को टाइम ट्रैवलर बताते हैं. वो भविष्य से लौटकर लोगों को आगे के समय से जुड़े फैक्ट्स बताते हैं.
लेकिन हाल के दिनों में एक शख्स के दावे ने सबको हैरान कर दिया है. जहां अन्य लोग खुद को टाइम ट्रेवलर बताते हैं वहीं इसका कहना है कि वो 2055 में ही फंस गया है. यानी शख्स का दावा है कि वो जो भी वीडियोज शेयर कर रहा है, वो 2055 की है. इन वीडियोज में ऐसी चीज नजर आती है, जो लोगों के रोंगटे खड़े कर सकता है.
फंस गया है भविष्य में
इंस्टाग्राम (और टिकटॉक) पर @whitemask2055 नाम का अकाउंट सालों से वीडियोज पोस्ट कर रहा है, जिसमें एक शख्स वाइट मास्क पहने दावा करता है कि वो 2055 में फंस गया है. उसके वीडियोज में पेरिस की प्रसिद्ध जगहें – लूवर म्यूजियम, एफिल टावर, मेट्रो स्टेशन, अस्पताल, ट्रेन स्टेशन, सब कुछ पूरी तरह खाली और सन्नाटे में नजर आता है. वहां कोई पर्यटक नहीं, कोई स्टाफ नहीं, कोई आवाज नहीं है. बस खामोशी और खाली सड़कें दिखती है. यह शख्स खुद को ‘ले वॉयेजर डु फ्यूचर’ (भविष्य से यात्री) कहता है. वो व्यूअर्स की रिक्वेस्ट पर स्पेसिफिक लोकेशन जाता है और दिखाता है कि वहां भी कोई नहीं है. एक वीडियो में वो वेंडिंग मशीन से फैंटा की बोतल निकालता है, जिसकी एक्सपायरी डेट अप्रैल 2055 है. दूसरी क्लिप में PS7 (प्लेस्टेशन 7) गेम्स की डिस्क्स दिखाई जाती हैं, जो आज मौजूद नहीं है! बिजली है, दुकानें स्टॉक में हैं, लेकिन इंसान गायब है.
एक रात में बदल गई दुनिया
शख्स का दावा है कि वो अचानक 2055 में जागा और वापस नहीं लौट पा रहा है. यह सीरीज सालों से चल रही है और जनवरी 2026 में फिर से वायरल हो गई. लाखों व्यूज के साथ लोग शख्स के दावे पर डिवाइडेड हैं– कुछ मानते हैं कि यह AI-जनरेटेड वीडियोज हैं, क्योंकि फेस छिपाने के लिए मास्क पहना है (AI में फेस बनाना मुश्किल होता है). दूसरे कहते हैं कि यह VR फुटेज या COVID लॉकडाउन के दौरान फिल्माया गया एडिटेड वीडियो है. Reddit और X पर बहस छिड़ी है– “अगर सब गायब हैं तो बिजली कौन चला रहा है?”, “दुकानें साफ-सुथरी क्यों हैं, धूल क्यों नहीं है?”, “PS7 डिस्क्स क्यों, 2055 में तो क्लाउड गेमिंग होगी!” कई एक्सपर्ट्स इसे क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग प्रोजेक्ट मानते हैं. यह एक तरह का आर्ट या डिस्टोपियन नरेटिव है जो लोगों की कल्पना में अकेलेपन, समाज के पतन की चिंता जगाता है. लेकिन इस अकाउंट का दावा इतना रीयलिस्टिक है कि लोग झूठखोर कहकर भी देखते रहते हैं क्योंकि रहस्य का मजा ही कुछ और है.

