रायपुर। छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष एवं राजप्रधान पद के लिए निर्वाचन कार्यक्रम तय होने के बाद अब इन पदों के दावेदार सक्रिय हो गए है। आपको बता दें कि समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मार्च माह में होना है जबकि राजप्रधान के लिए राज अधिवेशनों में मतदान होना है। इसको देखते हुए दावेदार अपने-अपने राजों में समाज के लोगों से जनसंपर्क कर रहे हैं। इसके अलावा दावेदार सोशल मीडिया में भी सक्रिय नजर आ रहे है। कुर्मी समाज का चुनाव इस कारण से और प्रतिष्ठापूर्ण हो गया है क्योंकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इसी समाज से आते हैं। दीगर समाजों के पदाधिकारियों की भी नजर इस चुनाव पर जमाये बैठे हुए है। इस संबंध में जब छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज पोर्टल के इस संवाददाता ने जब छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के चुनाव संबंधी जानकारी एकत्र करने सामाजिक लोगों से संपर्क किया गया तो यहां लोगों की अलग-अलग राय जानने को मिली। समाज में अलग-अलग वर्ग के लोग है, सबकी अपनी अलग-अलग राय है। जबकि केन्द्रीय अध्यक्ष एवं राजप्रधान के दावेदारों का अपना एक अलग ही दावा है अधिकत्तर दावेदार यह कहने से भी नहीं चूक रहे कि उन्हे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनाव लडऩे को कहा है। एक दावेदार ने तो छत्तीसगढ़ी में यहां तक कहा कि का करबे गा.. भूपेश ह काहत हे त चुनाव लड़े बर पड़त हे, नइ तो मय ह त नइ लडऩा चाहत रहवे, फेर का करबे, लड़े ल तो पड़ही। ऐसे ही कई और दावेदार जो इसी तरह की बातें कर रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि भूपेश का है कहना…चुनाव लडऩा…। जबकि समाज के एक अन्य तबके का कहना है कि समाज के चुनाव में पदों के कई दावेदार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम लेकर अपनी नैया पार लगाना चाहते है, और प्राय: अधिकतर दावेदार का यह कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आशीर्वाद प्राप्त है। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बहरहाल समाज में चुनाव को लेकर चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, केन्द्रीय अध्यक्ष एवं राजप्रधानों के पदों के लिए चुनाव लडऩे के इच्छुक लोग जनसंपर्क शुरू कर दिये है और अपने-अपने तरीके चुनावी माहौल बनाने में जुट गये है। अब यह तो भविष्य ही तय करेगा कि समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष और राजों के नए राजप्रधान कौन होंगे…?।
