कटक: ओडिशा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले सुनाया है। हाई कोर्ट में कहा है कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक से ज्यादा शादी करना गैरकानूनी है। कोर्ट ने एक ऐसी महिला की पारिवारिक पेंशन की मांग को खारिज कर दिया, जो एक सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी थी। कोर्ट ने साफ किया कि दूसरी शादी को मान्यता देना गैरकानूनी काम को बढ़ावा देना होगा। यह फैसला जस्टिस दीक्षित कृष्णा श्रीपाद और जस्टिस चित्तरंजन दास की डिविजन बेंच ने 13 जनवरी को सुनाया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहली शादी के रहते दूसरी शादी करना हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 17 और भारतीय दंड संहिता की धारा 495 के तहत दंडनीय अपराध है।


क्या है मामला

मामले में याचिकाकर्ता महिला ने एकल पीठ के 16 जुलाई 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। एकल पीठ ने स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग के उस फैसले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था, जिसमें महिला की पारिवारिक पेंशन की मांग ठुकरा दी गई थी। विभाग ने 12 नवंबर 2021 के आदेश में कहा था कि संबंधित कर्मचारी की पहली शादी के रहते यह विवाह किया गया था, इसलिए इसे मान्य नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने विभाग के आदेश में किसी भी तरह की अवैधता या अनियमितता नहीं पाई और महिला की अपील खारिज कर दी।

कोर्ट ने क्या कहा
बेंच ने कहा कि हिंदुओं के लिए एक ही शादी करना ही नियम है, इसमें कोई अपवाद नहीं है। इसलिए, पहली शादी के चलते हुए दूसरी शादी करने का विचार हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के मूल सिद्धांत के खिलाफ है। महिला की यह दलील कि दूसरी शादी इसलिए की गई क्योंकि पहली पत्नी को बच्चे नहीं थे, कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह दलील स्वीकार करना बहुत खतरनाक होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह अधिनियम में बच्चे न होना, किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करने का जायज कारण नहीं माना जा सकता जिसकी पहले से ही कोई पत्नी जीवित हो।

कानून से ऊपर कुछ नहीं
कोर्ट ने पेंशन नियमों में ‘पत्नियों’ शब्द के इस्तेमाल पर भी अपनी राय दी। बेंच ने कहा कि पेंशन नियमों में ‘पत्नियों’ शब्द का मतलब यह नहीं है कि कोई कर्मचारी एक से ज्यादा लोगों से शादी कर सकता है। यह बहुविवाह या एक से ज्यादा साथी रखने की इजाजत नहीं देता। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि पेंशन नियम संसद द्वारा बनाए गए कानूनों, जैसे हिंदू विवाह अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) से ऊपर नहीं हो सकते। इस फैसले के अनुसार, दूसरी शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी और इसलिए दूसरी पत्नी को पारिवारिक पेंशन का हकदार नहीं माना जाएगा।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
Exit mobile version