कन्नूर: केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने का सुझाव दिया। आठवले का मानना है कि इससे राज्य को केंद्र से अधिक धनराशि मिल सकेगी। इस बयान पर राज्य की सत्तारूढ़ माकर्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है।
विजयन बने एनडीए का हिस्सा तो होगा क्रांतिकारी कदम होगा
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि अगर विजयन एनडीए में शामिल होते हैं तो यह एक क्रांतिकारी कदम होगा और निश्चित रूप से केरल में अधिक पैसा आएगा। उन्होंने कहा कि इस धन का उपयोग राज्य के विकास के लिए किया जा सकता है और नरेंद्र मोदी केरल को भी एक बड़ा पैकेज देंगे।
आठवले की आलोचना
माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने आठवले की कड़ी आलोचना की और उनकी (आठवले की) टिप्पणियों को अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक करार दिया और दावा किया कि केरल को पिछले पांच सालों में लगभग दो लाख करोड़ रुपये की धनराशि नहीं दी गई, जिसका राज्य हकदार था। गोविंदन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के बयान संवैधानिक सिद्धांतों और मूल्यों के विपरीत हैं और यह भारत की संघीय व्यवस्था पर हमला है।
आरएसएस के प्रभाव का असर है बयान
एम वी गोविंदन ने दावा किया कि ऐसे बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रभाव में सभी संवैधानिक संस्थाओं को अपने अधीन करने के प्रयासों का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान निरंकुशता से जुड़े नव-फासीवाद की ओर एक कदम का संकेत देते हैं।
आठवले की राजनीतिक समझ कम
केंद्रीय मंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि अगर विजयन एनडीए में शामिल हो जाते हैं, तो वे विधानसभा चुनाव जीतेंगे और वह फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं, जिस पर गोविंदन ने टिप्पणी की कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि आठवले की केरल के संबंध में राजनीतिक समझ कम है।

