अलवर. राजस्थान के अलवर जिले में बसंत पंचमी 23 जनवरी को एक ऐसी शादी हुई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. यह शादी किसी आम युवक-युवती की नहीं, बल्कि दो ऐसे लोगों की थी जो हत्या जैसे जघन्य अपराध में दोषी ठहराए जा चुके हैं और फिलहाल सजा काट रहे हैं. दोनों अपराधी जयपुर की सांगानेर ओपन जेल में बंद हैं और वहीं से उनकी कहानी ने नया मोड़ लिया. दोनों की पहली मुलाकात सांगानेर ओपन जेल में हुई.
उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद उर्फ जैक के बीच शुरुआत में सामान्य बातचीत हुई, जो धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई. करीब छह महीने तक दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और यह सिलसिला प्यार में तब्दील हो गया. जेल में रहते हुए ही दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया. इसके बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाते हुए कोर्ट में 15 दिन की पैरोल के लिए आवेदन किया.
दोनों के परिवार की सहमित से हुई शादी
कोर्ट से पैरोल की अनुमति मिलने के बाद दोनों परिवारों की सहमति से शादी का निर्णय लिया गया. सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए अलवर शहर के एक होटल में विवाह समारोह आयोजित किया गया. शादी पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई. इस समारोह में केवल चुनिंदा लोग ही शामिल हुए, जिनमें दोनों पक्षों के करीबी परिजन और कुछ विश्वसनीय लोग मौजूद रहे.
शादी को लेकर बनाए गए थे सख्त नियम
प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद उर्फ जैक शादी को लेकर बेहद सख्त नियम बनाए गए थे. समारोह में शामिल किसी भी व्यक्ति को न तो फोटो खींचने की अनुमति दी गई और न ही मीडिया या बाहरी लोगों से बातचीत करने दी गई. मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी सीमित रखा गया, ताकि शादी की जानकारी बाहर न जा सके. होटल परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी तरह की अव्यवस्था न हो. शादी के बाद भी यह मामला इसलिए और चर्चा में आ गया क्योंकि दुल्हन अपने ससुराल नहीं गई.
इस वजह से शादी के बाद दोनों को दोबारा लौटना पड़ा जेल
पैरोल की अवधि सीमित होने के कारण विवाह संपन्न होने के बाद दोनों को दोबारा जेल लौटना पड़ा. इस वजह से पारंपरिक विदाई और गृह प्रवेश जैसी रस्में नहीं हो सकीं. यही कारण है कि यह शादी आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई. फिलहाल दोनों नवविवाहित दंपती अपनी-अपनी सजा पूरी कर रहे हैं. उनकी यह अनोखी शादी बसंत पंचमी के दिन अलवर में हुई एक ऐसी घटना बन गई, जिसकी चर्चा अब पूरे राजस्थान में हो रही है.
इस वजह से दोनों काट रहे हैं उम्रकैद की सजा
दुल्हन प्रिया सेठ वही महिला है, जिसने जयपुर में हनी ट्रैप के जरिए युवक दुष्यंत शर्मा की बेरहमी से हत्या की थी. प्रिया पाली जिले के फालना की रहने वाली है. उसके पिता अशोक सेठ सरकारी कॉलेज में लेक्चरर और मां स्कूल टीचर रही हैं. वहीं दुल्हा हनुमान प्रसाद उर्फ जैक अलवर जिले के बड़ौदामेव का रहने वाला है. वह उस जघन्य हत्याकांड का दोषी है, जिसने पूरे प्रदेश को हिला दिया था. 2 अक्टूबर 2017 की रात अलवर में ताइक्वांडो प्लेयर संतोष शर्मा ने अपने प्रेमी हनुमान के साथ मिलकर अपने पति बनवारी लाल और चार मासूम बच्चों की हत्या कर दी थी. जानवर काटने वाले चाकू से गला रेतकर पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. इस वजह से दोनों उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.

