कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के बाद देश भर की सुर्खियों में आए टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने बीजेपी से गठबंधन के लिए अजीबोगरीब शर्त रखी है। हुमायूं कबीर का कहना है कि अगर मुझे भरोसा दिलाया जाए कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा’ तो मैं गठबंधन करने को तैयार हूं। गौरतलब हो कि पिछले साल के आखिर में टीएमसी के सस्पेंड करने पर हुमायूं कबीर ने नई पार्टी का गठन किया था। उन्होंने इस पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) रखा है। विधायक हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को कहा कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया जाता है तो वह BJP के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस, सीपीआई-एम और आईएसएफ के साथ भी गठबंधन का आह्वान किया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
बीजेपी मुझे बनाए सीएम
कबीर ने शुक्रवार को कहा कि अगर बीजेपी मुझे भरोसा दिलाती है कि सत्ता में आने पर मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, तो मैं उनके साथ गठबंधन करने के लिए भी तैयार हूं। अगर मुझे 100 सीटें मिलती हैं और बीजेपी को 90, तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? कबीर ने बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने का उदाहरण दिया। कबीर के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि वे हमेशा से कहते रहे हैं कि कबीर बीजेपी की बी-टीम के तौर पर काम कर रहे थे।
बीजेपी ने खारिज किया ऑफर
कबीर की टिप्पणियों पर जवाब देते हुए बीजेपी के नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी कभी भी एक सांप्रदायिक नेता के साथ गठबंधन नहीं करेगी जिसने कहा था कि हिंदुओं को मार दिया जाएगा और उनके शव भागीरथी में फेंक दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि अल्पसंख्यकों को बीजेपी पर भरोसा है। दिसंबर के आखिरी हफ्ते में कबीर ने अपनी खुद की पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ बनाने की घोषणा की और 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए कई उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद की जा रही है। इन चुनावों में सत्तारूढ़ टीएमसी चौथी बार जीत हासिल करने के लिए मैदान में उतरेगी। मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के होने की उम्मीद की जा रही है।

