PANCHAM Chatbot: पंचायत का काम है, तो दफ्तर जाओ, फाइल पकड़ो, इंतजार करो. गांव की गलियों में अक्सर लोग यही कहते मिल जाएंगे. लेकिन अब यह पुराना किस्सा बनने जा रहा है. केंद्र सरकार ने एक ऐसा डिजिटल हथियार लॉन्च किया है जो सीधे गांव वालों की जेब में बैठेगा. नाम है PANCHAM चैटबॉट. अब पंचायत से जुड़े कामों के लिए दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, WhatsApp ही बनेगा आपका पंचायत ऑफिस.
डिजिटल इंडिया की नयी उड़ान
डिजिटल इंडिया की लहर अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रही. सरकार ने PANCHAM चैटबॉट के जरिए गांव-गांव तक तकनीक का पुल बना दिया है. पहले जहां ग्रामीणों को जानकारी के लिए कई बार पंचायत भवन जाना पड़ता था, वहीं अब मोबाइल पर एक मैसेज से सब कुछ मिल जाएगा.
गांव की सरकार अब और भी दमदार! जानिए कैसे काम करेगा पंचायतों का नया डिजिटल साथी ‘पंचम’ / पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के ट्विटर हैंडल से साभार
WhatsApp क्यों चुना गया?
सरकार ने PANCHAM को WhatsApp पर लॉन्च करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि यह ऐप हर किसी के फोन में मौजूद है. कोई नया ऐप डाउनलोड करने की झंझट नहीं, कोई ट्रेनिंग की जरूरत नहीं. बस चैटिंग जैसा आसान इंटरफेस और तुरंत जवाब. यही वजह है कि इसे “सबसे आसान पंचायत ऑफिस” कहा जा रहा है.
पंचायत सेवाओं तक सीधी पहुंच
PANCHAM चैटबॉट को ई-ग्राम स्वराज प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है. यानी पंचायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से यह सीधे काम करेगा. चाहे बात हो GPDP की योजना की, LGD की जानकारी की या फिर मंत्रालय की नई पहल की- सब कुछ अब WhatsApp पर.
30 लाख प्रतिनिधियों से सीधा कनेक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, PANCHAM पहली बार केंद्र सरकार को देशभर के 30 लाख से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों से जोड़ रहा है. इससे न सिर्फ जानकारी का लेन-देन तेज होगा बल्कि प्रशासनिक कामकाज भी पहले से ज्यादा पारदर्शी और आसान बन जाएगा.
गांव वालों को क्या फायदा?
गांव के लोग अब प्रमाण पत्र, योजनाओं की जानकारी, पंचायत सेवाओं और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी घर बैठे हासिल कर सकेंगे. सबसे बड़ी राहत यह है कि इसमें सिर्फ प्रमाणित और अपडेटेड जानकारी ही मिलेगी. यानी अफवाहों और गलत सूचना से छुटकारा.

