सब्जी बनाने के लिए सही तेल का चयन करना बहुत जरूरी होता है. अगर आप सही तेल का चयन नहीं करते हैं, तो आपकी सेहत पर काफी ज्यादा असर पड़ता है.
रोजाना सब्जी बनाने में इस्तेमाल होने वाला तेल सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत भी तय करता है। महंगे ऑलिव ऑयल की जगह भारतीय किचन में ऐसे कई हेल्दी विकल्प मौजूद हैं, जो दिल के लिए बेहतर माने जाते हैं.
जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट और फंक्शनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. आलोक चोपड़ा के मुताबिक, हर तेल सेहत के लिए एक जैसा नहीं होता. भारतीय खानपान के लिए सही तेल चुनना खासतौर पर हार्ट हेल्थ के लिहाज से बेहद जरूरी है.
डॉ. चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में भारतीय किचन के लिए पांच सबसे बेहतर तेलों का जिक्र किया. ये तेल किसी ट्रेंड के आधार पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों और पोषक तत्वों के आधार पर चुने गए हैं.
उनके अनुसार, घी, नारियल तेल, सरसों का तेल, तिल का तेल और मूंगफली का तेल भारतीय खाने के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं. ये न सिर्फ पारंपरिक पकाने के तरीकों के साथ फिट बैठते हैं, बल्कि सेहत को भी नुकसान नहीं पहुंचाते.
सही कुकिंग ऑयल चुनना सिर्फ स्वाद का मामला नहीं है, बल्कि यह दिल को सुरक्षित रखने का एक अहम तरीका भी है. रिफाइंड तेलों में मौजूद ट्रांस फैट्स लंबे समय में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकते हैं.
डॉ. चोपड़ा का कहना है कि भारतीय खाना अक्सर तेज आंच पर पकाया जाता है और इसमें मसालों का भरपूर इस्तेमाल होता है. ऐसे में वही तेल बेहतर होते हैं, जो हाई हीट सह सकें और अपने पोषक तत्व न खोएं.
एक्सपर्ट के अनुसार, रोजाना खाना बनाने के लिए महंगे विदेशी तेल जरूरी नहीं हैं. देसी और पारंपरिक तेल सही मात्रा में इस्तेमाल किए जाएं, तो ये दिल की सेहत और स्वाद दोनों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं.

