कांगपोकपी: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है। जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्र के. सोंगलुंग पार्ट–II गांव में अज्ञात हमलावरों ने तीन पक्के घरों और चार अस्थायी झोपड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। यह घटना सोमवार को दिनदहाड़े हुई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इस घटना के पीछे ज़ेलियांग्रॉन्ग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF–कामसन) से जुड़े संदिग्ध कैडरों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मामले की गहन जांच जारी है।
एक वाहन को भी किया आग के हवाले
आगजनी की इस घटना में एक वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया, जबकि एक जीप समेत कुछ अन्य वाहन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा घरों में रखा धान, खाद्यान्न, गैस सिलेंडर और घरेलू सामान भी जलकर खाक हो गया, जिससे पीड़ित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद कूकी इनपी मणिपुर (KIM) और यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) की संयुक्त बैठक आयोजित हुई, जिसमें दोनों संगठनों ने इस हिंसक कृत्य की कड़ी निंदा की। संगठनों ने कहा कि दिनदहाड़े घर जलाने की घटना ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा किया है और निर्दोष लोगों की संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
शांति की अपील
इस घटना के बाद उत्पन्न तनाव के बीच कूकी इनपी मणिपुर (KIM) और यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने संयुक्त रूप से शांति और संयम की अपील की है। इस घटना को लेकर विभिन्न संगठनों के बीच परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं। जहां कूकी-जो संगठनों ने इसे स्थायी गांव पर हमला बताया, वहीं कुछ नागा संगठनों ने इसे अवैध ढांचों की कार्रवाई कहा। दोनों समुदायों के शीर्ष संगठनों ने आगजनी की निंदा करते हुए अफवाहों से बचने, कानून व्यवस्था बनाए रखने और पीड़ितों को न्याय व राहत सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

