रायपुर:— राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ रहटादाह द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत समानता हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नये नियम को लेकर काफी आक्रोशित है। राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ के प्रचार सचिव डॉ. जितेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति समानता हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा नये नियम बनाये गये हैं, जो 13 जनवरी 2026 से प्रभावशील हो गई है जिससे राजपूत समाज काफी आक्रोशित है।
प्रभावी नियम में सामान्य संवर्ग के छात्रों एवं प्राध्यापकों पर उभयपक्षों द्वारा झूठे आरोप – प्रत्यारोप लगाकर फसाये जाने की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता, चूंकि नये नियम में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के विरूद्ध संबंद्ध अ०जा० / अ०ज०जा० / अ०पि०व० के छात्रों द्वारा लगाये आरोपों पर सीधी कार्यवाही संस्थित होना है। आरोपी की पुष्टि करने अथवा जिनके विरूद्ध आरोप / शिकायत है, उन्हें भी अपना पक्ष रखने का कोई अवसर प्रदान नहीं करता, इससे प्राकृतिक न्याय का हनन सद्भाविक है। यह अव्यवहारिक एवं सामान्य संवर्ग के लोगों पर एकपक्षीय कार्यवाही का स्पष्ट संदेश है। प्रश्नाधीन नियम के परिप्रेक्ष्य में राजपूत क्षत्रिय महासभा उक्त नियम में समानता के अधिकार अंतर्गत संवर्ण समुदाय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों के हितसंवर्धन में उक्त नियम को रोक लगाते हुवे उक्त नियम रद्द करने की मांग की है।
राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़, रहटादाह प०क० 1282 इस नये नियम को अस्वीकार कर, नियमों में सामान्य वर्ग के हित संवर्धन में उक्त आदेश पर रोक लगाकर उक्त आदेश निरस्त करते हुये सुधा की अपेक्षा रखती है, जिससे विद्यार्थियों प्राध्यापकों को प्राकृतिक न्याय के साथ अपना पक्ष रखने का सामान अवसर प्राप्त हो और दोषी या गलत आरोप सिद्ध होने पर संबंधित के विरूद्ध भी नियमांतर्गत कार्यवाही हो सकें। उक्त आदेश से छत्तीसगढ़ प्रदेश के राजपूत समाज के लोग काफी आक्रोशित है। इसलिये उक्त आदेश को निरस्त करने राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ के सभी 33 उपसमितियों के पदाधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन दिनांक 29 जनवरी 2026 को अपने अपने जिले के कलेक्टर, ब्लाक एवं तहसील के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जायेगा।
दिनांक 29 जनवरी 2026 को राजधानी रायपुर में राजपूत क्षत्रिय महासभा रायपुर के तीनों उपसमितियों के पदाधिकारी के साथ जिला कलेक्टर रायपुर को शाम 4.00 बजे महासभा के अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह बैस के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा जायेगा।
मांग करने वालों में प्रमुख रूप से महासभा के अध्यक्ष ठा. बजरंग सिंह बैस, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ठा. नरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष ठा. पंकज सिंह भुवाल, महासचिव ठा. अशोक सिंह, कोषाध्यक्ष ठा. नीरज सिंह क्षत्रीय, सह सचिव ठा. सत्येन्द्र सिंह राजपूत, उप सचिव ठा. घनश्याम सिंह, संगठन सचिव ठा. अजय सिंह, प्रचार सचिव डॉ. जितेन्द्र सिंह ठाकुर, केन्द्रिय महिला अध्यक्ष श्रीमती रश्मि सिंह, महिला सचिव मधुबाला ठाकुर, केन्द्रिय युवा अध्यक्ष ठा. अनुराग सिंह, युवा सचिव ठा. महेन्द्र सिंह तथा उप समितियों के अध्यक्ष सचिव तथा पूर्व केन्द्रिय पदाधिकारीगण, महिला मंडल एवं युवा मंडल के पदाधिकारीगण ने उक्त आदेश निरस्त करने की माँग की है।

