तेलंगाना के विकाराबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। एक बेटी, जिस पर बीमारों की सेवा करने की जिम्मेदारी थी, उसने अपने ही माता-पिता की जान लेने के लिए अपने पेशेवर ज्ञान का दुरुपयोग किया। पुलिस ने 25 वर्षीय नर्स सुरेखा को अपने माता-पिता की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी सुरेखा संगारेड्डी के एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत थी। उसे दवाओं और उनके प्रभाव की गहरी समझ थी। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि उसने अपने माता-पिता ‘लक्ष्मी (54) और दशरथ (58)’ को मौत की नींद सुलाने के लिए ‘आर्टासिल’ नामक बेहोशी की दवा का इंजेक्शन लगाया। उसने यह इंजेक्शन अत्यधिक मात्रा (ओवरडोज) में दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।

प्रेम प्रसंग का विरोध बना हत्या की वजह

सुरेखा की इस खौफनाक साजिश के पीछे प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिये एक युवक से हुई थी, जो दूसरी जाति का था। जब उसने अपने माता-पिता को इस रिश्ते के बारे में बताया, तो उन्होंने कड़ा विरोध किया। घर में आए दिन होने वाले झगड़ों और अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने की जिद में सुरेखा ने उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

बहाने से लगाया मौत का इंजेक्शन

24 जनवरी की रात सुरेखा ने अपनी साजिश को अंजाम दिया। उसने अपने माता-पिता से कहा कि वह उनके शरीर के दर्द को कम करने के लिए इंजेक्शन लगा रही है। अपनी बेटी पर भरोसा करते हुए उन्होंने इंजेक्शन लगवा लिया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही उनकी आखिरी रात होगी। इंजेक्शन लगते ही दोनों बेहोश हो गए और कुछ ही देर में उनके प्राण निकल गए।

भाई को बताने के बाद ऐसा खुला राज

खुद को संदेह से बचाने के लिए सुरेखा ने नाटक रचा और अपने भाई को सूचना दी कि माता-पिता बेहोश हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, घर की तलाशी के दौरान पुलिस को इस्तेमाल की गई सिरिंज और दवा की खाली बोतलें मिलीं। मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस की कड़ी पूछताछ के बाद सुरेखा टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

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