Delhi News: दिल्ली को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त राजधानी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को 500 करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता देने की घोषणा की है. इस राशि का उपयोग शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत करने, सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत कराने और धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने में किया जाएगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया है कि सरकार आगे चलकर हर साल 300 करोड़ रुपये की नियमित सहायता भी MCD को देती रहेगी, ताकि सफाई व्यवस्था लंबे समय तक मजबूत बनी रहे.
इस संबंध में शुक्रवार (30 जनवरी) को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, MCD आयुक्त संजीव खिरवार समेत दिल्ली सरकार और नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
जरूरी कामों में खर्च की जाएगी 500 करोड़ रुपये की राशि
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि MCD को दी गई 500 करोड़ रुपये की राशि कई जरूरी कामों में खर्च की जाएगी. इसमें कचरा प्रबंधन से जुड़ी उन कंपनियों का पुराना बकाया चुकाना भी शामिल है, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपना काम कर सकें. इसके अलावा कूड़ा उठाने और ढोने में होने वाले मासिक घाटे की भरपाई, ठेकेदारों के न होने वाले इलाकों से कूड़ा हटाने, सड़कों के गड्ढे भरने और छोटे-छोटे पैच रिपेयर जैसे काम भी इसी राशि से किए जाएंगे. इन उपायों से सड़कों पर उड़ने वाली धूल कम होगी और प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी.
सभी वित्तीय नियमों का पालन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने नगर निगम को कड़े निर्देश दिए हैं कि यह पैसा केवल तय उद्देश्यों के लिए ही खर्च किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी वित्तीय नियमों का पालन अनिवार्य होगा और खर्च की नियमित निगरानी की जाएगी. MCD को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र भी देना होगा.
दिल्ली के लिए स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त वातावरण जरूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित दिल्ली के लिए स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त वातावरण जरूरी है. कूड़े और गंदगी से उठने वाली धूल भी प्रदूषण बढ़ाती है, इसलिए सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाना जरूरी है. उन्होंने आधुनिक सफाई मशीनें खरीदने, कूड़े से ऊर्जा बनाने वाले नए प्लांट लगाने और पुराने प्लांट को अपग्रेड करने के निर्देश दिए. साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में हरित कूड़े के बेहतर उपयोग के लिए आधुनिक मशीनें लगाने पर भी जोर दिया गया.
गौरतलब है कि दिल्ली पहले से ही वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है. सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सड़कों की धूल और कचरा भी प्रदूषण का बड़ा कारण है. ऐसे में दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी को साफ-सुथरा और रहने लायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.

