संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि किस सेक्टर को कितना पैसा दिया गया है. इसमें सरकार की तैयारियों को लेकर भी जानकारी दी गई, साथ ही ये भी बताया गया कि देश की अर्थव्यवस्था किस ओर जा रही है. इसी बजट में एजुकेशन सेक्टर से लिए भी कुछ बड़े ऐलान हुए, हालांकि छात्र इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि उन्हें क्या-क्या मिला और एजुकेशन का बजट बढ़ने के क्या मायने हैं. आइए आपको बताते हैं कि शिक्षा के किन क्षेत्रों के लिए बजट दिया गया है और इस बार के बजट से छात्रों को क्या हासिल हुआ है. 

कितना बढ़ गया एजुकेशन बजट?

सबसे पहले ये जान लेते हैं कि एजुकेशन का बजट इस साल कितना बढ़ाया गया है. इस साल शिक्षा मंत्रालय का बजट बढ़ाकर 1 लाख, 39 हजार, 289 करोड़ रुपये किया गया है. जो पिछले बजट के मुकाबले करीब 10 हजार करोड़ से भी ज्यादा है. 2025 के बजट में एजुकेशन का कुल बजट 1 लाख, 28 हजार, 650 करोड़ था. पिछले पांच साल में लगातार एजुकेशन बजट में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 

NEET-JEE के छात्रों के लिए क्या है खास?

देश में इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई की तैयारी सबसे ज्यादा छात्र करते हैं. ऐसे में बजट से उन्हें काफी ज्यादा उम्मीदें होती हैं. हालांकि इस बार के बजट में ऐसे छात्रों के लिए ज्यादा कुछ नहीं दिया गया. बजट में नीट या फिर आईआईटी की सीटों में कोई भी बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया गया. माना जा रहा था कि इस बार नया आईआईटी खोलने को लेकर ऐलान हो सकता है. वहीं मेडिकल के छात्रों के लिए सीटें बढ़ने की भी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 

छात्रों को क्या-क्या मिला?

कंटेंट क्रिएशन लैब: एजुकेशन बजट में कंटेंट क्रिएशन में फ्यूचर बनाने वाले छात्रों को बड़ा मौका दिया गया है. सरकार की तरफ से कंटेंट क्रिएशन में साल 2030 तक 20 लाख पेशेवर तैयार करने की बात कही गई है. इसे ऑरेंज इकोनॉमी का नाम दिया गया है, जिसमें तमाम तरह की क्रिएटिव जॉब्स आती हैं, जिनसे देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलता है. देशभर के 15 हजार सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब खोलने का भी ऐलान किया गया है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के सहयोग से ये लैब चलाई जाएंगीं.

एजुकेशन बजट कहां-कहां होगा खर्च? 

  • स्कूली शिक्षा योजनाओं को मजबूत करने के लिए सरकार जोर दे रही है. समग्र शिक्षा अभियान के लिए 42,100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इससे शिक्षकों, स्कूलों और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगीं.
  • पीएम पोषण योजना के लिए 12,750 करोड़ रुपए दिए गए हैं. जिससे पौष्टिक भोजन से बच्चों की सेहत को ठीक रखा जाएगा. 
  • पीएम श्री स्कूल योजना के तहत 7,500 करोड़ का बजट रखा गया है. ये एक तरह के मॉडल स्कूल हैं, जहां पढ़ाई का स्तर काफी शानदार होता है. साथ ही इससे उस स्कूल के आसपास मौजूद स्कूलों का भी विकास करने की बात कही गई है. 
  • उच्च शिक्षा पर भी जोर दिया गया है और इसके लिए 78,496 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. ये बजट केंद्रीय विश्वविद्यालयों, केंद्रीय संस्थानों, स्कॉलरशिप और रिसर्च लैब पर खर्च किया जाएगा. 
  • पीएम-उषा योजना के लिए 1,850 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे राज्यों में चल रही यूनिवर्सिटीज में सुविधाएं बढ़ेंगीं और उन्हें रिसर्च के लिए तैयार किया जाएगा. 
  • वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन योजना के लिए 2,200 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. इससे छात्रों और रिसर्च करने वालों को ग्लोबल जर्नल्स तक आसान पहुंच मिलेगी. 
  • एआई पर भी सरकार ने जोर दिया है और इस बार इंडिया एआई मिशन को 1,000 करोड़ का बजट दिया गया है. इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दिया जाएगा और छात्रों को फायदा मिलेगा. 
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