Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. यह दिन भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. ऐसे में इस दिन जो व्यक्ति भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करता है और व्रत के सभी नियमों का पालन करते हुए पूजा पूर्ण करता है, उसे शक्ति और शंकर का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही विवाह संबंधी समस्याएं और संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.

गाय के दूध से अभिषेक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले पति-पत्नी को महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गाय के कच्चे दूध से अभिषेक करना चाहिए. इस दिन दूध में थोड़ा-सा शहद और घी मिलाकर भगवान शंकर को अर्पित करना चाहिए. कहा जाता है कि इससे वंश वृद्धि के योग बनते हैं. अभिषेक के दौरान “ॐ नमो भगवते जगत्प्रसूतये नमः” का जाप करना लाभकारी माना जाता है.

घी और बेलपत्र का अर्पण

पूजा के समय पति-पत्नी को शिवलिंग पर शुद्ध घी अर्पित करना चाहिए. साथ ही 108 बेलपत्र लेकर उन पर सफेद चंदन से ‘ॐ’ लिखकर महादेव को अर्पित करना चाहिए. कहा जाता है कि ऐसा करने से संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.

आटे के शिवलिंग का निर्माण

प्राचीन परंपराओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन जौ, गेहूं और चावल के आटे को बराबर मात्रा में मिलाकर शिवलिंग बनाना चाहिए. इसके बाद पूजा के अगले दिन इसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए.

दान-पुण्य

इस दिन किसी गरीब बच्चे को वस्त्र या भोजन दान करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और विवाहित जोड़े को आशीर्वाद प्रदान करते हैं.

(अस्वीकरण;यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)

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