अहमदाबाद/वडोदरा: वडोदरा में एक बार फिर से रफ्तार का कहर सामने आया है। शहर के रावपुरा इलाके में एक तेज रफ्तार रेंज रोवर पहले ट्रैफिक सिग्नल से टकराई इसमें गाड़ी आगे का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और आसपास के लोग डर से कांप गए। सामने आया है कि कार की रफ्तार काफी ज्यादा थी। इस घटना ने एक बार फिर से शहर में ओवरस्पीडिंग पर वॉच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतबल हो कि वडोदरा में ही एमएस यूनिवर्सिटी के लॉ स्टूडेंट रक्षित चौरसिया ने कई वाहनों को टक्कर मारी थी। इसमें घटना में सात लोग घायल हुए थे, जबकि एक महिला की मौत हो गई थी। यह घटना पिछले साल 13 मार्च को हुई थी।
डीजीपी के दौरे से पहले घटना
पुलिस के अनुसार यह घटना शुक्रवार की देर रात हुई। पुलिस का कहना है कि गाड़ी की डिटेल निकालकर जांच की जा रही है। शनिवार को शहर में डीजीपी डॉ. के एल एन राव के दौरे से पहले हुई इस घटना में गनीमत यह रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया, हालांकि टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि गाड़ी के पुर्जे अलग-अलग हो गए। एक टायर फटकर उड़ गया। इसके साथ ही एयरबैग तुरंत खुल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार SUV जुबेलीबाग से रावपुरा की ओर जा रही थी। तभी तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। गाड़ी सड़क के डिवाइडर पर चढ़ गई और सीधे ट्रैफिक सिग्नल के ढांचे से टकरा गई।
उखड़ गया ट्रैफिक सिग्नल
टक्कर से सिग्नल का खंभा उखड़ गया और पास के एक इलेक्ट्रिकल कंट्रोल बॉक्स को भी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलते ही रावपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लापरवाही और तेज रफ़्तार से गाड़ी चलाने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि ड्राइवर घटना के तुरंत बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि रेंज रोवर करीब एक साल पहले बेची गई थी। अधिकारी अब मालिकाना हक के रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं और ड्राइवर की पहचान करने और उसका पता लगाने के लिए पास के चौराहों के CCTV फुटेज की जांच की जांच रही है।

