कानपुर: डॉक्टर्स को जीवन रक्षक सेवा कहा जाता है, लेकिन जब अस्पताल की लापरवाही किसी मासूम की जान ले ले, तो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं. कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र से ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल में नवजात बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना बिठूर के ब्रह्म नगर स्थित राजा हॉस्पिटल की है, जिसका संचालन डॉ. विवेक मिश्रा द्वारा किया जाता है. जानकारी के अनुसार, रविवार को अस्पताल में एक गर्भवती महिला का प्रसव कराया गया था. परिवार में पहली संतान के रूप में एक कन्या का जन्म हुआ, जिससे घर में खुशी का माहौल था.
NICU के वॉर्मर में रखा गया नवजात, हुआ शॉर्ट सर्किट
जन्म के तुरंत बाद नवजात बच्ची को निगरानी और शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड स्थित वॉर्मर मशीन में रखा गया. परिजनों को उम्मीद थी कि मां और बच्ची दोनों स्वस्थ होकर जल्द घर लौटेंगे. इसी दौरान अचानक वॉर्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट हो गया और मशीन में आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला. वॉर्मर में लेटी नवजात बच्ची आग की चपेट में आ गई.
चंद घंटों में बुझ गई नन्ही जान
अस्पताल स्टाफ और परिजनों की नजर पड़ने तक बच्ची गंभीर रूप से झुलस चुकी थी. उसे बचाने की कोशिशें की गईं, लेकिन चंद घंटों पहले जन्मी मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा इसलिए भी ज्यादा मार्मिक है क्योंकि मृत नवजात अपने माता‑पिता की पहली संतान थी. जिस घर में किलकारियां गूंजनी थीं, वहां मातम पसर गया. परिजनों का रो‑रोकर बुरा हाल है.
परिजनों ने लगाया घोर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही से पालन किया जाता और मशीनों की नियमित जांच होती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था.

