फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले की जेल में बंद 20 साल के आतंकी अब्दुल रहमान के हत्या की कर दी गई। जेल में ही बंद अरुण चौधरी नामक कश्मीरी युवक ने रविवार रात उसके सिर में नुकीली चीज मार उसकी हत्या की। नीमका स्थित जिला जेल में जम्मू कश्मीर के करीब 40 से 50 आतंकवादी स्पेशल सेल में रखे हुए हैं। इसी जेल की एक सेल में आतंकी अब्दुल रहमान और कश्मीर के कठुआ जिले का रहने वाला अरुण चौधरी भी एक ही सेल में बंद थे। अरुण चौधरी अक्टूबर 2024 में जिला जेल में लाया गया था।
बताया जा रहा है रविवार रात करीब 2:30 बजे दोनों के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान अरुण चौधरी ने किसी नुकीली वस्तु से आतंकी अब्दुल रहमान के सिर पर गहरी चोट मार दी। जिससे वह वहीं पर लहूलुहान हो गया। इस पर जेल के वार्डन ने उसे जेल में ही स्थित अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। आतंकी की मौत के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में इस मामले की सूचना आला अधिकारियों को दी गई।
ऐसे पकड़ा गया था अब्दुल रहमान
बता दें कि अब्दुल रहमान 2 मार्च 2025 को दो हैंड ग्रेनेड के साथ पाली गांव के पास पकड़ा गया था। उसने अयोध्या को दहलाने साजिश की थी। अब्दुल रहमान यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला था। उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। गुजरात एसटीएफ और हरियाणा एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। उसके पास 2 हैंड ग्रेनेड भी मिले थे, जिन्हें डिफ्यूज कर दिया गया था।
मटन शॉप चलाता था अब्दुल
जांच में सामने आया था कि अब्दुल मटन शॉप चलाता था। वो राम मंदिर से करीब 10 किलोमीटर दूर रहता था। उसके घर में रेड कर कई संदिग्ध चीजें बरामद की गई थी। उससे ट्रेन के टिकट भी मिले थे। वह दिल्ली में किसी के संपर्क में था। राम मंदिर निर्माण के बाद से ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी भारत में उसे निशाना बनाकर बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने का प्लान बना रहे थे। इसी काम के लिए अब्दुल रहमान को चुना गया था। बताया जाता है कि आतंकी ने एक बार राम मंदिर की रेकी भी की थी। वह हैंड ग्रेनेड की डिलीवरी लेने के लिए ही फैजाबाद से फरीदाबाद आया था।
पुलिस ने किया था गिरफ्तार
गुजरात एसटीएफ को सूचना मिली थी कि एक आतंकवादी संगठन सक्रिय हुआ है, जो दहशत फैला रहा है। इसी की जांच के दौरान उन्हें हरियाणा में 2 आतंकियों की जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि इसमें अब्दुल रहमान भी शामिल है, जो सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठन से जुड़ा। इसके बाद गुजरात एसटीएफ ने हरियाणा पुलिस से संपर्क किया। उनके साथ फरीदाबाद से स्पेशल टास्क फोर्स की टीम को अटैच किया गया। दोनों टीमे यहां पहुंचीं। पूरी छानबीन के बादआतंकियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद फरीदाबाद के सोहना रोड स्थित इलाके में जॉइंट टीम ने रेड की। जहां से अब्दुल रहमान को पकड़ लिया गया था। हालांकि उसे हैंड ग्रेनेड देने आया हैंडलर तब तक निकल चुका था।

