क्या आप भी दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर घंटों जाम में फंसने से परेशान हैं? अब हवा में उड़कर सफर करने का समय आ गया है! कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें एयर टैक्सी का प्लान बताया गया है. इस रिपोर्ट का नाम ‘Navigating the Future of Advanced Air Mobility in India’ है. रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर में एयर टैक्सी सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है. इस योजना के तहत गुरुग्राम, कनॉट प्लेस (सीपी) और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को हवाई मार्ग से जोड़ा जा सकता है.
एयर टैक्सी क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, यह सेवा छोटी इलेक्ट्रिक उड़ने वाली गाड़ियों (eVTOL) के जरिये चलेगी, जो हेलिकॉप्टर की तरह सीधी ऊपर-नीचे उड़ान भर सकती हैं. दावा किया गया है कि गुरुग्राम से सीपी तक का सफर सिर्फ 7 से 10 मिनट में पूरा हो सकता है. अभी सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में ट्रैफिक के कारण काफी समय लग जाता है.
यह रूट कैसा होगा?
कुल रास्ता 65-75 किलोमीटर का है. सड़क से जहां 2-3 घंटे लगते हैं (खासकर जाम में), वहां हवा में सिर्फ 20-30 मिनट में पहुंच जाएंगे.
कहां-कहां से उड़ान भरेगी?
इमारतों की छत पर छोटे लैंडिंग पैड बनेंगे, जिन्हें वर्टीपोर्ट कहते हैं. ऑफिस, हॉस्पिटल, एयरपोर्ट, हर जगह पर उतर-चढ़ सकते हैं. जमीन पर ज्यादा जगह की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कब शुरू हो सकता है?
इसके तहत पहले छोटे काम शुरू होंगे, जैसे मेडिकल इमरजेंसी, ऑर्गन ट्रांसपोर्ट, दवाई पहुंचाना. फिर आम लोगों के लिए पैसेंजर सर्विस आएगी. रिपोर्ट कहती है कि 2-3 साल में टेस्ट फ्लाइट शुरू हो सकती है. द इप्लेन कंपनी, सरला एविएशन, हंच मोबिलिटी जैसी कंपनियां सीआईआई के साथ इस प्रस्ताव पर मिलकर काम कर रही हैं.
क्या है प्रस्ताव?
• गुरुग्राम, कनॉट प्लेस और जेवर एयरपोर्ट के बीच 65 से 75 किलोमीटर का हवाई कॉरिडोर.
• पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा.
• सफल होने पर बड़े स्तर पर व्यावसायिक सेवा शुरू की जा सकती है.
आम लोगों को क्या फायदा?
• ट्रैफिक जाम से राहत
• कम समय में यात्रा
• इलेक्ट्रिक तकनीक के कारण कम प्रदूषण
• एयरपोर्ट तक तेज और आसान पहुंच
क्या हैं चुनौतियां?
दिल्ली का हवाई क्षेत्र पहले से ही व्यस्त है, इसलिए एयर टैक्सी के लिए खास नियम और सुरक्षा व्यवस्था बनानी होगी. उड़ान भरने और उतरने के लिए विशेष जगहें (वर्टिपोर्ट) भी तैयार करनी होंगी. इसके अलावा, सरकार और विमानन नियामक एजेंसियों की मंजूरी जरूरी होगी.
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 से 2028 के बीच इस परियोजना को परीक्षण के तौर पर शुरू किया जा सकता है. यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में हवाई टैक्सी आम लोगों के लिए एक नया विकल्प बन सकती है.

