दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में सड़क पर खड़ी कार के अंदर से बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में मिलीं तीन लाशों का मामला बेहद खौफनाक था. पहले तो यही समझ में नहीं आ रहा था कि यह आत्महत्या है, हादसा या फिर हत्या? अब दिल्ली पुलिस ने जांच करते हुए मर्डर केस सॉल्व कर दिया है. इस मामले में एक तांत्रिक बाबा को गिरफ्तार किया गया है, जिसका नाम कमरुद्दीन बताया जा रहा है.
दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी केस की गुत्थी सुलझाते हुए इसे ट्रिपल मर्डर बताया है. जांच में पता चला है कि खुद को तांत्रिक बताने वाले बाबा कमरुद्दीन ने पैसों का लालच देकर तीनों को जहर खिलाया और उनकी जान ले ली.
जहर देकर मर्डर, फिर पैसे लेकर फरार हो जाता था बाबा
आरोपी कमरुद्दीन उर्फ बाबा फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश का रहने वाला है. वह लोनी और फिरोजाबाद में तथाकथित तांत्रिक केंद्र चला रहा था. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को अचानक पैसे मिलने का लालच देता था. तंत्र-मंत्र और पूजा के बहाने वो पहले पीड़ितों का भरोसा जीतता था, फिर उन्हें जहर मिले लड्डू खिलाकर मार देता था और उनके पैसे और कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था.
8 फरवरी को कार में मिली थीं तीन लाशें
8 फरवरी 2026 को पश्चिम विहार ईस्ट थाना पुलिस को PCR कॉल मिली थी कि एक सफेद कार में तीन लोग बेहोश हालत में पड़े हैं. मौके पर पहुंची पुलिस को कार में 76 साल के बुजुर्ग ड्राइवर सीट पर, 42 साल का एक पुरुष बाहर निकाला गया हुआ और 40 साल की महिला कार के अंदर पड़ी मिली थी.
पुलिस ने मृतकों की पहचान भी कर ली थी. बापरोला के रहने वाले 76 वर्षीय रंधीर, नांगली डेयरी के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर 42 वर्षीय शिव नरेश और जहांगीरपुरी की रहने वाली 40 वर्षीय लक्ष्मी के नाम से तीनों की पहचान हुई थी.
कार में मिली थीं शराब की बोतलें, कैश और अन्य सामान
तीनों को तुरंत संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. कार की तलाशी में शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, खाली गिलास, मोबाइल फोन, नकदी, हेलमेट, जैकेट और आधार कार्ड समेत कई सामान मिले.
पहले आत्महत्या का था शक
कार में मिलीं लाशों के बाद पुलिस ने सबसे पहले आत्महत्या का शक जताया था. हालांकि, परिजनों ने सुसाइड की आशंका को पूरी तरह से नकार दिया था और तीनों की मौत को संदिग्ध बताया था. तकनीकी जांच और पूछताछ में पता चला कि तीनों मृतक एक तांत्रिक कमरुद्दीन के संपर्क में थे. उसने उन्हें पूजा के जरिए पैसों की बारिश का भरोसा दिलाया था.
तीनों मृतकों के साथ कार में ही था कमरुद्दीन
जांच में सामने आया कि तीनों घटना से एक दिन पहले और फिर घटना वाले दिन लोनी गाजियाबाद गए थे. वे लगातार कमरुद्दीन से बात कर रहे थे. कार में एक चौथा व्यक्ति भी मौजूद था, जिसकी पहचान बाद में कमरुद्दीन के रूप में हुई. पुलिस के मुताबिक आरोपी लोनी से कार में बैठा और वारदात के बाद कार छोड़कर फरार हो गया.
पूजा के लिए कमरुद्दीन ने मंगाई थी शराब
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि करीब दो महीने पहले लक्ष्मी के जरिए उसकी पहचान बाकी दोनों से हुई थी. उसने ज्यादा पैसों के नाम पर पूजा के लिए 2 लाख रुपये नकद, शराब और कोल्ड ड्रिंक मंगवाई थी. यह वही शराब थी जो पुलिस को गाड़ी में से मिली थी.
आरोपी ने पहले से जहर मिले लड्डू तैयार कर रखे थे. सफर के दौरान उसने तीनों को शराब, कोल्ड ड्रिंक और वही जहरीले लड्डू खिलाए. जब तीनों बेहोश हो गए तो वो नकदी लेकर मौके से भाग निकला.
कमरुद्दी पर पहले से मर्डर केस दर्ज
कमरुद्दीन कोई नया अपराधी नहीं है. उसके खिलाफ पहले भी हत्या जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वो पहले भी एक मर्डर केस में शामिल रह चुका है. फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है. पुलिस ये भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इससे पहले और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.

