आर्टिकल-भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक इस्पात कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), भविष्य के लिए एक नई और मजबूत योजना पर काम कर रही है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारना और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना है। सेल का सबसे बड़ा लक्ष्य अपने ऋण को कम करना है। इससे कंपनी के पास भविष्य के बड़े निवेशों (CAPEX) के लिए ज्यादा पैसा और आजादी होगी। कंपनी अपनी उत्पादन लागत को कम करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर ध्यान दे रही है ताकि मुनाफा बढ़ाया जा सके। सेल अपनी पहुंच बढ़ा रही है ताकि देश में स्टील की बढ़ती मांग का फायदा उठाया जा सके। कंपनी ने अपनी इस तरक्की को मापने के लिए एक लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2024-25 में जहां बिक्री 179 लाख टन रही, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर के लिए 200 लाख टन का लक्ष्य तय किया गया है।
वित्तीय सूझबुझ और दूरदर्शिता की यह गूंज वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के दौरान की अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान भी सुनाई दी, जहां निदेशक (वित्त) एवं निदेशक वाणिज्य का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डॉ. ए.के. पंडा ने कंपनी की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि ऋण (debt) में कटौती काफी महत्वपूर्ण रही है, जिसमें अप्रैल-दिसंबर 2025 की नौ महीने की अवधि के दौरान ₹5,000 करोड़ का ऋण चुकता किया गया है। पिछले साल 31 दिसंबर, 2025 तक ऋण ₹24,852 करोड़ था, जिसके बाद जनवरी 2026 में ₹2,000 करोड़ की और कमी आई। इस अनुशासित ऋण कटौती (deleveraging) ने वित्त लागत को कम किया है और विकास निवेशों के लिए अवसर पैदा किए हैं। डॉ. पंडा ने बताया, “परिचालन दक्षता, इन्वेंट्री लिक्विडेशन, लागत अनुकूलन और मजबूत ट्रेजरी प्रबंधन इत्यादि ने मिलकर बेहतर वित्तीय प्रबंधन को संभव बनाया है।”
कंपनी की रणनीति ने पहले ही परिणाम दिखाना शुरू कर दिया है। कंपनी की सक्रिय मार्केटिंग पहलों और खुदरा एवं नए ग्राहक समूहों के साथ गहरे जुड़ाव के कारण वित्त वर्ष 2025-26 की नौ महीने की अवधि (अप्रैल’25 – दिसंबर’25) में बिक्री की मात्रा में 16.3% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस प्रयास ने अप्रैल’ 25 – जनवरी’ 26 के बीच कुल बिक्री को 16.6 मिलियन टन तक पहुँचा दिया, साथ ही महत्वपूर्ण इन्वेंट्री परिसमापन (inventory liquidation) को भी सक्षम बनाया। सेल ने इन-प्रोसेस और तैयार स्टील स्टॉक दोनों को कम करके, सेल ने नकदी प्रवाह को बढ़ाया है और कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को कम किया, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई।
कंपनी लागत कम करने के लिए ऑपरेशनल लिवर्स को भी तेज किया जा रहा है। सालाना मैनपावर में कमी से प्रति टन कार्मिक लागत दक्षता में लगातार सुधार हो रहा है। इसके साथ ही, सेल अनुपालन की जरूरतों के साथ-साथ लागत कम करने के लिए भी अधिक नवीकरणीय ऊर्जा (renewable power) का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे ऊर्जा व्यय में संरचनात्मक बचत हो रही है। ये उपाय प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करते हुए कंपनी के व्यापक स्थिरता एजेंडे के साथ मेल खाते हैं।
कंपनी के भविष्य के विज़न पर सेल के निदेशक (वित्त) एवं निदेशक वाणिज्य का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डॉ. ए.के. पंडा ने कहा: “कंपनी कर्ज कम करके, इन्वेंट्री की अधिक कुशलता से प्रबंधन करके और केंद्रित मार्केटिंग पहलों के मध्यम से अपनी पहुंच का विस्तार करके, विस्तारीकरण की तैयारी के साथ-साथ अपनी नींव को मजबूत कर रहा है। बढ़ती मांग, एक मजबूत कैपेक्स (CAPEX) पाइपलाइन और स्थिरता व ग्रीन स्टील के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता के साथ, हम वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 200 लाख टन की बिक्री हासिल करने और आने वाले वर्षों में और भी ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के प्रति आश्वस्त हैं – जो आज की ताकत को कल के अवसर में बदल देगा।”


Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version