Ranchi News: भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (माही) आज भी रांची में ही रहते हैं। अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि इतने बड़े स्टार बनने के बाद भी उन्होंने मुंबई, दिल्ली या विदेश में बसने के बजाय रांची को ही अपना घर क्यों चुना? हाल ही में एक इंटरव्यू में धोनी ने खुद इस सवाल का जवाब दिया।

रांची से खास जुड़ाव

धोनी ने कहा कि वह रांची में पले-बढ़े हैं और इस शहर की हर गली से परिचित हैं। उन्हें यहां की सादगी और अपनापन पसंद है। उनका कहना है कि बड़े शहरों में जिंदगी बहुत भागदौड़ भरी हो जाती है। ट्रैफिक इतना ज्यादा होता है कि ऑफिस, घर और स्टेडियम के बीच ही पूरा दिन निकल जाता है। धोनी के मुताबिक, रांची छोटा शहर है, जहां 15-20 मिनट में किसी भी जगह पहुंचा जा सकता है। घर से निकलो तो कुछ ही देर में स्टेडियम, दोस्तों का घर या फिर वापस अपने घर पहुंच सकते हैं। महानगरों में यह सुविधा नहीं मिलती।

सादगी भरी जिंदगी पसंद

माही ने बताया कि बचपन से ही उनकी जिंदगी आसान रही है। स्कूल, ग्राउंड और हॉस्पिटल—सब कुछ एक किलोमीटर के दायरे में था। उन्हें ज्यादा ट्रैफिक और भीड़भाड़ पसंद नहीं है। खाली सड़कों पर बाइक चलाना उन्हें अच्छा लगता है। यही वजह है कि उन्होंने रांची को नहीं छोड़ा और आगे भी नहीं छोड़ेंगे।

रांची की बदली पहचान

धोनी ने हंसते हुए एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह नए खिलाड़ी थे और लोग उनसे पूछते थे कि कहां से हो, तो वह कहते थे—रांची। कई लोग इसे कराची समझ लेते थे। तब उन्हें बताना पड़ता था कि रांची वह जगह है जहां मेंटल हॉस्पिटल है, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अब लोग रांची को अच्छी तरह जानते हैं। धोनी के अनुसार, आज रांची की अपनी अलग पहचान बन चुकी है।

शांति और अपनापन सबसे अहम

धोनी ने कहा कि रांची में वह जब चाहें अपनी पसंदीदा गाड़ी या बाइक से निकल सकते हैं। यहां ज्यादा भीड़ या परेशान करने वाले लोग नहीं होते। स्टेडियम जाना हो या दोस्तों से मिलना—सब कुछ आसान है। उनके मुताबिक, अगर जिंदगी सरल और शांतिपूर्ण चाहिए तो रांची से बेहतर जगह नहीं है। यही कारण है कि वह आज भी अपने गृह नगर को ही अपना स्थायी ठिकाना बनाए हुए हैं।

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