दंतेवाड़ा। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर दीपक सोनी के पहल से आत्मसमर्पण किए नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे का कार्य किया जा रहा है। जिसके लिए आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। जिसमें उनकी मंशा अनुसार उन्हें सामग्री वितरण किया जा रहा है साथ ही प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जिससे वे रोजगार प्राप्त कर आय उत्पादित कर सकें। उसी कड़ी में टेकनार गौशाला में आज से तीन दिवसीय पशु पालन प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रथम दिन 11 प्रशिक्षु ने प्रशिक्षण का लाभ लिया। गाय, बकरी, मुर्गी, सुकर तथा अन्य पशुओं के पालन की उन्हें जानकारी दी गई। साथ ही दुग्ध उत्पादन, चारा का पैदावार, पशुओं के रखरखाव, टीकाकरण, पशुओं के मनोभाव आदि के बारे में पशु धन विकास विभाग के उप संचालक श्री अजमेर सिंह कुशवाहा ने विस्तृत जानकारी दी। पशु पालन के फायदे एवं इनमें आने वाले कठिनाइयों से अवगत कराया। अन्य दो दिवसों में अंडा उत्पादन, चारा पैदावार, आदि प्रक्षेत्रों का भ्रमण कराया जाएगा और उसकी बारीकियां सिखाई जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि बंदूक थामने वालों के हाथों में अब गाय, बकरी और मुर्गी देखने को मिलेंगे। जो हाथ कभी किसी को मारने को उठते थे वो पशुओं को पालने के काम आएंगे। ऐसा कारनामा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की योजनाबद्ध तरीके एवं रणनीति की वजह से हो सका है। जहां लोन वर्राटू के तहत् सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया है। वही आत्मसमर्पित नक्सलियों को उनकी मंशा अनुसार कृषि, पशुपालन, अंडा उत्पादन आदि के लिए ट्रैक्टर, बीज, उपकरण, पंप, शेड निर्माण, गाय, बकरी, मुर्गी, आदि का वितरण किया जा रहा है साथ ही आवशयकतानुसार प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। महिलाओं को बिहान अन्तर्गत स्व सहायता समूह में जोड़ा जा रहा है जिससे वे सशक्त हों सके। सभी को आजीविका के साधन प्रदान किए जा रहे हैं जिससे कि वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। आज के प्रशिक्षण में जिला कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव, जिला पंचायत सीईओ श्री अश्वनी देवांगन ने आकर प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहित किया और साथ ही वार्तालाप कर उनका हौसला बढ़ाया।

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