Iran-US Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों का जवाब देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर दबाव बनाया गया तो ईरान अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बना सकता है।
बताया जा रहा है कि ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने अपने दो बड़े युद्धपोत तैनात किए हैं। इसके जवाब में खामेनेई ने कहा कि ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो इन भारी भरकम जहाजों को डुबो सकते हैं। उनका यह बयान केवल धमकी नहीं माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने पिछले दस साल में खाड़ी के संकरे रास्तों, खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध की खास तैयारी की है।
कैरियर किलर तकनीक पर भरोसा
खामेनेई ने जिस ताकत की ओर इशारा किया है, उसे कैरियर किलर तकनीक कहा जाता है। माना जाता है कि ईरान ने ऐसी रणनीति बनाई है जिससे वह बड़े युद्धपोतों को निशाना बना सके।
कैरियर किलर मिसाइल खलीज फारस
ईरान की खलीज फारस मिसाइल को एंटी शिप बैलिस्टिक मिसाइल बताया जाता है। इसकी रफ्तार आवाज की गति से तीन गुना ज्यादा बताई जाती है। कहा जाता है कि यह समुद्र में चलते बड़े युद्धपोत या एयरक्राफ्ट कैरियर को सटीक निशाना बना सकती है। इसकी खासियत यह है कि इसे रोकना आसान नहीं माना जाता।
सुपर फास्ट टॉरपीडो हौत
ईरान के पास हौत नाम का टॉरपीडो भी है। इसकी स्पीड करीब 360 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है। यह पानी के अंदर बहुत तेज चलता है और आम टॉरपीडो से कई गुना तेज है। यह खास तकनीक पर काम करता है, जिससे इसे रोकना किसी भी नौसेना के लिए मुश्किल हो सकता है।
आत्मघाती ड्रोन और स्वार्म तकनीक
खामेनेई ने जिस रणनीति की बात की, उसमें शाहिद और अबाबिल जैसे ड्रोन शामिल हैं। ईरान की योजना यह हो सकती है कि वह एक साथ कई छोटे ड्रोन और तेज नावों से हमला करे। अगर किसी बड़े जहाज पर चारों तरफ से छोटे हमले हों, तो उसे बचाव करना कठिन हो सकता है।
क्या ईरान के पास हाइपरसोनिक ताकत है
हाल ही में ईरान ने फत्ताह नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रदर्शन किया था। दावा किया गया कि यह मिसाइल किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को भेद सकती है। माना जा रहा है कि खामेनेई का इशारा इसी ओर था। उनका संदेश साफ है कि अगर अमेरिका ने अपनी नौसैनिक ताकत का इस्तेमाल किया, तो ईरान भी अपनी नई तकनीक से जवाब देने को तैयार है।

