एक शिक्षिका ने अपनी कला और संतुलन से सबको हैरान कर दिया, जब उन्होंने सिर पर किताब रखकर एक पैर पर खड़े होकर क्लासिकल डांस प्रस्तुत किया. खाली क्लासरूम में दिया गया यह अनोखा प्रदर्शन देखते ही देखते खास बन गया. उनकी शानदार बॉडी बैलेंस, आत्मविश्वास और नृत्य की सुंदर मुद्राओं ने साधारण माहौल को भी उत्साह और तालियों से भर दिया. यह प्रस्तुति सिर्फ एक डांस नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी था कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि कला और प्रेरणा का भी स्रोत होते हैं. खाली क्लास में किया गया यह डांस बताता है कि जुनून हो तो मंच कहीं भी बन सकता है.

