अपराध  की दुनिया में जब मैडम मिंज उर्फ अनुराधा चौधरी ने कदम रखा था, तब लगा था कि वह आखिरी लेडी डॉन है। लेकिन अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसी महिला को दबोचा है, जिसके मोबाइल ने राजस्थान से लेकर पाकिस्तान तक के खौफनाक राज उगल दिए हैं। नाम है खुशनुमा अंसारी उर्फ मैडम जहर।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग की यह नई ‘मैनेजर’ ब्यूटी पार्लर की आड़ में न सिर्फ ड्रग्स बेच रही थी, बल्कि राजस्थान के गैंगस्टरों को ISI मार्क वाले हथियार भी सप्लाई कर रही थी।

कौन है ‘मैडम जहर’ और क्या है उसका गेम?

खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को अंडरवर्ल्ड में ‘मैडम जहर’ के नाम से जाना जाता है। वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह पार्लर तो महज एक दिखावा था। असल में यहां से लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के लिए हथियारों की डीलिंग और ड्रग्स की सप्लाई को मैनेज किया जाता था।

नेहा पिछले 7 सालों से कुख्यात हथियार तस्कर बॉबी कबूतर के साथ लिव-इन में थी। बॉबी वही शख्स है, जिसने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले रेकी की थी और फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के लिए हथियार मुहैया कराए थे।

राजस्थान कनेक्शन: जयपुर से सरहद तक फैला जाल

सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय ‘मैडम जहर’ का राजस्थान कनेक्शन है। पुलिस की जांच के अनुसार, इसके तीन मुख्य पहलू सामने आए हैं।

राजस्थान की ‘मैडम माया’ से लिंक

दिसंबर 2024 में जयपुर पुलिस ने सीमा मल्होत्रा उर्फ ‘मैडम माया’ को गिरफ्तार किया था। जांच में संकेत मिले हैं कि ‘मैडम जहर’ दिल्ली-NCR से लॉजिस्टिक सपोर्ट (हथियार और पैसा) राजस्थान भेजती थी, जिसे जयपुर में ‘मैडम माया’ मैनेज करती थी। ये दोनों महिलाएं गैंग के उन गुर्गों के बीच ‘कम्युनिकेशन लिंक’ थीं जो जेल में बंद हैं।

ISI एजेंट ‘सलीम पिस्टल’ और राजस्थान की सरहद

बॉबी कबूतर और ‘मैडम जहर’ का सीधा संपर्क नेपाल-भारत बॉर्डर पर पकड़े गए ISI एजेंट सलीम पिस्टल से था। सलीम पिस्टल पाकिस्तान से आने वाले हथियारों को भारत में प्रवेश कराता था। पुलिस को शक है कि राजस्थान के श्रीगंगानगर, बाड़मेर और बीकानेर बॉर्डर से आने वाली ड्रग्स की खेप को ठिकाने लगाने में भी इस सिंडिकेट का हाथ है।

राजस्थान के कारोबारियों से वसूली

‘मैडम जहर’ के पास से जो मोबाइल बरामद हुए हैं, उनमें राजस्थान के कई प्रतिष्ठित कारोबारियों के नंबर मिले हैं। पुलिस का मानना है कि इन नंबरों का इस्तेमाल लॉरेंस गैंग द्वारा रंगदारी वसूलने के लिए किया जा रहा था।

मूसेवाला और दिशा पाटनी केस में ‘जहरीली’ भूमिका

‘मैडम जहर’ और बॉबी कबूतर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कई पुराने केसों की फाइलें खोल दी हैं। बॉबी ने मूसेवाला के रूट की रेकी की थी, जबकि नेहा ने दिल्ली में शूटर्स के ठहरने और हथियारों को छिपाने का इंतजाम किया था। बरेली में एक्ट्रेस के घर पर हुई फायरिंग में इस्तेमाल हुए विदेशी पिस्टल इसी ‘मैडम जहर’ के नेटवर्क के जरिए शूटर्स तक पहुंचे थे। दिल्ली के चर्चित दोहरे हत्याकांड में भी इसी सिंडिकेट के हथियारों का इस्तेमाल हुआ।

ISI और हवाला: कैसे चलता था करोड़ों का कारोबार?

‘मैडम जहर’ सिर्फ एक मोहरा नहीं, बल्कि इस सिंडिकेट की फाइनेंशियल मैनेजर थी। वह ड्रग्स से आने वाले पैसे को हवाला के जरिए सफेद करती थी और उस पैसे से फिर से आधुनिक हथियार खरीदे जाते थे। ISI एजेंट सलीम पिस्टल के जरिए यह गैंग पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली खेप पर भी नजर रखता था।

लॉरेंस गैंग की ‘लेडी ब्रिगेड’ से पुलिस हैरान

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई अब अपनी रणनीति बदल रहा है। पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह महिलाओं का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं।

  • अनुराधा चौधरी (मैडम मिंज): जो पहले से ही चर्चित है।
  • जोया खान: हाशिम बाबा की बेगम।
  • मैडम माया: जयपुर की रंगदारी क्वीन।
  • मैडम जहर: सिंडिकेट की नई मास्टरमाइंड।

ये महिलाएं बुटीक, ब्यूटी पार्लर या छोटे बिजनेस की आड़ में गैंग के लिए काम करती हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को इन पर जल्दी शक नहीं होता।

अब आगे क्या?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राजस्थान पुलिस की साइबर टीम ‘मैडम जहर’ के मोबाइल डेटा को खंगाल रही है। कॉल डिटेल्स से यह साफ हो जाएगा कि राजस्थान के किन-किन बड़े चेहरों का इस लेडी डॉन से सीधा संपर्क था। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा के ड्रग्स और आर्म्स सिंडिकेट की कमर टूट गई है।

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