रांची: झारखंड के West Singhbhum district में अंधविश्वास की एक और भयावह घटना सामने आई है। कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के कुदासाई कलाईया गांव में डायन-बिसाही के शक में एक परिवार को बेरहमी से निशाना बनाया गया। इस हमले में 32 वर्षीय ज्योति सिंकू और उसके दो महीने के बेटे की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई, जबकि महिला का पति कोल्हान सिंकू गंभीर रूप से झुलस गया।
बताया जा रहा है कि मंगलवार रात (17 फरवरी 2026) कुछ लोगों ने घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग इतनी भयानक थी कि मां और मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। किसी तरह जान बचाकर भागे पति ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी बुधवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस को मिली। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर तुरंत गांव पहुंचकर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से पेट्रोल डालकर घर में आग लगाई थी। घटनास्थल से पेट्रोल भरा प्लास्टिक कंटेनर भी बरामद किया गया है।
पीड़ित के बयान के आधार पर कुमारडुंगी थाने में मामला दर्ज किया गया। नामजद आरोपियों में रसिका उर्फ चेचे बिरुवा, सोना बिरुवा, डेलका सिंकू, जेना बिरुवा और सुकुमारी बिरुवा के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
FSL टीम जुटी जांच में
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की फॉरेंसिक टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
झारखंड में ‘डायन’ के नाम पर हिंसा
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के कारण महिलाओं और कमजोर वर्गों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। सामाजिक जागरूकता की कमी और अंधविश्वास की गहरी जड़ें ऐसी घटनाओं को जन्म देती हैं। यह मामला एक बार फिर बताता है कि शिक्षा और जागरूकता के बिना इन कुरीतियों पर रोक लगाना मुश्किल है।

