संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 को मंजूरी दे दी है. इसके तहत चुनाव लड़ने के लिए 2 बच्चों की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. सरकार इस संबंध में विधेयक लेकर आएगी.
उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने बताया कि अजमेर में आयुर्वेद और नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है. इसके लिए विधेयक को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है.
टैक्स चोरी जैसे मामलों पर निगरानी
कैबिनेट ने राजस्व अधिसूचना एवं आर्थिक निदेशालय के गठन को भी मंजूरी दी है. आर्थिक अपराध नियंत्रण निदेशालय का मुख्यालय जयपुर में होगा. यह निदेशालय बैंकिंग फर्जीवाड़ा, ठगी, भूमि पर अवैध कब्जे, पंजीयन में फर्जीवाड़ा और टैक्स चोरी जैसे मामलों पर निगरानी रखेगा. वाणिज्य कर, आबकारी और मुद्रांक विभाग से मिलने वाली सूचनाओं का विश्लेषण कर रेवेन्यू लीकेज रोकने का काम करेगा. इसके लिए 107 पदों पर भर्ती की जाएगी.
आयरन अयस्क खान में 500 करोड़ का निवेश
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि उदयपुर की आयरन अयस्क खान में 500 करोड़ रुपये का निवेश आएगा. कंपनी 1.5 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन करेगी, और इससे 550 युवाओं को रोजगार मिलेगा. कंपनी को जमीन डीएलसी दर से दोगुनी दर पर आवंटित की जाएगी.
राजस्थान मंडपम परियोजना के मॉडल में संशोधन
राजस्थान मंडपम परियोजना के मॉडल में भी संशोधन किया गया है. पहले कुल परियोजना लागत लगभग 30055 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसमें राजस्व सृजन और लागत के अनुपात में 635 करोड़ रुपये का अंतर राज्य सरकार पर आ रहा था. अब संशोधित मॉडल में परियोजना लागत घटाकर 5815 करोड़ रुपये कर दी गई है, और राजस्व सृजन 5825 करोड़ रुपये अनुमानित है.
राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी 2026 को भी मंजूरी दी गई है. इसके तहत 4 मॉडल लागू किए जाएंगे. पहले मॉडल में पूरी जमीन रीको उपलब्ध कराएगा. दूसरे मॉडल में 80% जमीन डेवलपर के पास होने पर वह 20% अतिरिक्त जमीन ले सकेगा. तीसरे मॉडल में पूरी जमीन डेवलपर की होगी. चौथे मॉडल में पीपीपी मोड पर विकास किया जाएगा.
दस इंडस्ट्रियल पार्कों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा
निवेश को बढ़ावा देने के लिए पहले दस इंडस्ट्रियल पार्कों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा. 100 करोड़ रुपये तक निवेश पर 20%, 100 से 250 करोड़ रुपये तक निवेश पर 30 करोड़ रुपये और 250 करोड़ रुपये से अधिक निवेश पर 40 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी. कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट पर 50% राशि वापस की जाएगी. पानी, सड़क और बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. निकटतम एप्रोच रोड तक सड़क निर्माण का खर्च सरकार वहन करेगी.
सरकार ने कहा कि समय कम है और विकास की रफ्तार तेज करनी होगी. जिन क्षेत्रों में उद्योग कम लगते हैं, वहां विशेष इंसेंटिव दिए जाएंगे. राज्य की औद्योगिक जमीन की पूरी जानकारी राज निवेश पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी.

