पीएम मार्क कार्नी (Mark Carney) के भारत दौर से पहले कनाडा की संघीय सरकार की तरफ से बड़ा बयान आया है। पिछले कुछ वर्षों के रुख के बिल्कुल विपरीत कनाडा की संघीय सरकार अब मानती है कि भारत का उसके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से कोई सक्रिय संबंध नहीं है। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
स्थानीय अखबार ‘टोरंटो स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा की तरफ से यह बयान पीएम मार्क कार्नी की भारत दौरे से पहले मीडिया से एक ब्रीफिंग के दौरान आया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने ओटावा और नई दिल्ली के बीच वार्ता और सहयोग में प्रगति का उल्लेख किया।
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारा राजनयिक जुड़ाव बहुत मजबूत है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच बातचीत भी शामिल है। मुझे लगता है कि हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि वह गतिविधि (हिंसक संलिप्तता) अब जारी नहीं है। बता दें कि यह एक ऐसा नया लहजा है जिसका भारत स्वागत करेगा, क्योंकि वह लगातार उन आरोपों को खारिज करता रहा है कि उसकी सरकार कनाडा में हिंसक अपराधों से जुड़ी है।
नए सिरे से रिश्ते सुधारने की कोशिश
2023 में सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या के बाद तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने भारतीय एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव आ गया था। अब कनाडा की ओर से आए बयान को भारत से रिश्ते सुधारने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। पीएम मार्क कार्नी की यह नीति व्यावहारिक विदेश नीति के तहत है।
इन नीति के तहत कनाडा दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत (1.4 अरब की अर्थव्यवस्था) के साथ व्यापारिक रिश्ते मजबूत करना चाहता है, ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम की जा सके, खासकर ऐसे समय में जब डोनाल्ड (Donald Trump) के दौर में अमेरिका को कम विश्वसनीय माना जा रहा है।
भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान यात्रा पर रहेंगे पीएम कार्नी
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च तक भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर रहेंगे। उनके कार्यालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, इस दौरे पर कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी पहले मुंबई और फिर नई दिल्ली का दौरा करेंगे। इस दौरे पर वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता कनाडा-भारत संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने और व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), प्रतिभा और संस्कृति तथा रक्षा के क्षेत्र में नई साझेदारियों को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। वे व्यापारिक नेताओं से भी मिलेंगे, ताकि कनाडा में निवेश के अवसरों की पहचान की जा सके और दोनों देशों के व्यवसायों के बीच नई साझेदारियां स्थापित की जा सकें।

