हैदराबाद: दिल्ली शराब नीति मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया है। इनमें दक्षिणी राज्य तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के. कविता भी शामिल हैं। उस वक्त पर बीआरएस में रहीं के. कविता को लगभग पांच महीने यानी 165 दिन तक जेल में रहना पड़ा था। के. कविता को शराब नीति घोटाले में 15 मार्च,2024 को हैदराबाद के उसके आवास से अरेस्ट किया गया था। दिल्ली शराब नीति घोटाले में बरी होने पर के. कविता की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने एक्स पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखा है।
घटनाक्रम: गिरफ्तारी से लेकर बरी होने तक
- 15 मार्च 2024: हैदराबाद स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया।
- 26 मार्च 2024: न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजा गया।
- 11 अप्रैल 2024: सीबीआई ने जेल में रहते हुए उन्हें अरेस्ट किया।
- 27 अगस्त 2024: सुप्रीम कोर्ट ने नियमित जमानत दी, जेल से छूटीं।
- 26 फरवरी 2026: राउस एवेन्यु कोर्ट ने के कविता को बरी किया।
शराब घोटाले में थीं अकेली महिला
बीआएस से विधान परिषद की सदस्य रहीं के कविता दिल्ली शराब घोटाले में जेल जाने वाली अकेली महिला थीं। के. कविता को ऐसे वक्त पर दिल्ली शराब घोटाले में क्लीन चिट मिली है जब वह बीआरएस से अलग होने के बाद राज्य की राजनीति तेलंगाना जागृति के जरिए सक्रिय हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कोर्ट के ताजा फैसले से के. कविता की छवि फिर से मजबूती होगी। उन्हें लोगों की सिंपैथी भी मिलेगी।
लोकसभा सांसद रह चुकी हैं कविता
ऐसा माना जा रहा है कि वे तेलंगाना जागृति नाम के मंच के जरिए अपनी राजनीतिक पार्टी के लिए जमीन तैयार कर रही हैं। बीआरएस ने भाई केटीआर के साथ मतभेद के बाद उन्हें निष्कासित कर दिया था। के. कविता तेलंगाना की राजनीति में बड़ा नाम हैं। उन्हें तेलंगाना की पहली महिला सांसद होने का भी गौरव हासिल है। वह 2014 से 2019 तक लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं। अभी वह ‘तेलंगाना जागृति’ नामक एक सांस्कृतिक संगठन के जरिए सक्रिय हैं। इसने तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान युवाओं और महिलाओं को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

