Ravi Pradosh Vrat 2026: भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल की तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है. यह तिथि वैसे तो भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है. लेकिन रविवार का दिन पड़ने से इसी शुभता और अधिक बढ़ जाता है. आज 1 मार्च 2026 को रविवार के दिन प्रदोष व्रत है, जिस कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा.

रवि प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत पड़ती है. आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और रवि प्रदोष व्रत भी मनाया जा रहा है. त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को रात 08:43 बजे से हो चुकी है जोकि 1 मार्च 2026 को शाम 07:09 तक रहेगी. प्रदोष काल (शाम) में पूजा के लिए शाम शाम 05:45 बजे से रात 08:15 तक पूजा-पाठ कर सकते हैं.

रवि प्रदोष व्रत पर करें इन चीजों का पुण्यदायी दान (Ravi Pradosh Vrat 2026 Daan)

रवि प्रदोष व्रत पर भगवान शिव के साथ ही सूर्य देव की उपासना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखकर कुछ खास वस्तुओं का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि, आरोग्य और यश की प्राप्ति होती है.

  •  गेहूं और गुड़–  सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए गेहूं और गुड़ का दान शुभ माना जाता है. इससे मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है.
  •  तांबे का पात्र – रविवार के दिन तांबा का दान करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है. इससे सरकारी कार्यों में लाभ होगा.
  • लाल वस्त्र – लाल रंग सूर्य देव को प्रिय है, इसलिए आज लाल कपड़े का दान लाभकारी होगा. इससे सेहत में लाभ मिलेगा.
  • चावल और दूध– भगवान शिव को अर्पित कर ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करें.
  •  दीपदान – शिव मंदिर में घी का दीपक जलाकर दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है.
  • सफेद वस्तुओं का दान-  रवि प्रदोष व्रत पर शिव और पार्वती की पूजा करें. दान स्वरूप इस दिन सफेद रंग की चीजों का दान करना चाहिए.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)

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