Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत के मौके पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मौजूद थे। यह अभियान सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाया जा रहा है। कार्यक्रम तय समय पर शुरू हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने पहले अपना संबोधन पूरा किया। इसके बाद जब संजय सेठ को बोलने के लिए बुलाया गया तो उन्होंने कहा कि पहले प्रधानमंत्री का भाषण सुन लिया जाए। इसके बाद मंच पर नरेन्द्र मोदी का संबोधन चलाया गया।
PM का भाषण सुनकर डॉ. अंसारी ने जताई आपत्ति
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इंडियन नेशनल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अब मुस्लिम लीग जैसी हो गई है और देश को बदनाम करने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री का भाषण सुनकर डॉ. अंसारी ने आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह स्वास्थ्य से जुड़ा कार्यक्रम है, इसे राजनीतिक मंच न बनाया जाए। उन्होंने ऑडियो बंद करने का निर्देश दिया और संजय सेठ से अपना भाषण देने को कहा। कुछ देर बाद फिर से प्रधानमंत्री के भाषण की आवाज सुनाई देने लगी।
मंच छोड़कर गए स्वास्थ्य मंत्री
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे अपने मंच का इस्तेमाल अपनी पार्टी के खिलाफ बातें सुनने के लिए नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके बाद वे मंच छोड़कर चले गए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकारी कार्यक्रमों का राजनीतिक उपयोग होगा तो वे ऐसे आयोजनों से दूरी बनाएंगे।
“राजनीति नहीं करनी चाहिए”
कार्यक्रम के अंत में संजय सेठ ने कहा कि राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश की किशोरियों को बचाने के लिए यह अभियान शुरू कर रहे हैं, इसलिए उनके भाषण के दौरान अपना संबोधन शुरू करना ठीक नहीं होता। उसी दिन अजमेर से प्रधानमंत्री ने 14 साल तक की बालिकाओं के लिए राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। रांची में भी एक किशोरी को प्रतीकात्मक रूप से टीका लगाकर अभियान का शुभारंभ किया गया, लेकिन मंच पर हुई यह नोकझोंक पूरे कार्यक्रम की चर्चा का कारण बन गई।

