क्या आपने कभी सोचा है कि रंगों के त्योहार होली पर आसमान भी अपना रंग बदल ले? जी हां, आज यानी 3 मार्च 2026 को भारत में एक अद्भुत नजारा दिखने वाला है। आज साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगने जा रहा है, जिसे दुनिया भर में ‘ब्लड मून’ के नाम से जाना जाता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस बार ग्रहण और होली का संयोग एक साथ बन रहा है।
आखिर ब्लड मून क्यों कहते हैं इसे?
विज्ञान की भाषा में कहें तो जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है, तो चंद्रमा पर पृथ्वी की गहरी छाया पड़ती है। लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली सूरज की लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुँचती है, जिससे वह गहरा लाल दिखाई देने लगता है। इसी जादुई नजारे को ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
भारत में समय और सूतक काल (Sutak Timings)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
सूतक काल की शुरुआत: आज सुबह 06:23 AM से।
ग्रहण का आरंभ: दोपहर 03:20 PM से।
पूर्णता (Totality): शाम को लगभग 58 मिनट तक चंद्रमा पूरी तरह छाया में रहेगा।
ग्रहण की समाप्ति: शाम 06:46 PM पर।
आपके शहर में कब दिखेगा नजारा?
भारत में चंद्रमा शाम को उदय होता है, इसलिए हमें ग्रहण का आखिरी हिस्सा यानी ‘मोक्ष काल’ ज्यादा स्पष्ट दिखाई देगा।
पूर्वोत्तर राज्य (असम, बंगाल, अरुणाचल): यहां चंद्रमा जल्दी निकलता है, इसलिए यहाँ के लोग सबसे शानदार नजारा देख पाएंगे।
मेट्रो शहर (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, जयपुर): इन शहरों में शाम 06:20 PM से 06:30 PM के बीच चंद्रमा लालिमा लिए हुए उदय होगा।
भारत के राज्यों में चंद्र ग्रहण की दृश्यता
| राज्य / क्षेत्र | ग्रहण का प्रकार | पेनुम्ब्रल प्रारंभ | पूर्णता (टोटैलिटी) प्रारंभ | पूर्णता समाप्त | पेनुम्ब्रल समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह | पूर्ण | 17:18 IST | 17:18 IST | 17:32 IST | 19:53 IST |
| आंध्र प्रदेश | आंशिक | 17:55 IST | — | — | 19:53 IST |
| अरुणाचल प्रदेश | पूर्ण | 17:58 IST | 17:58 IST | 17:32 IST | 19:53 IST |
| असम | पूर्ण | 17:04 IST | 17:04 IST | 17:32 IST | 19:53 IST |
| बिहार | आंशिक | 17:37 IST | — | — | 19:53 IST |
| चंडीगढ़ | आंशिक | 18:22 IST | — | — | 19:53 IST |
| छत्तीसगढ़ | आंशिक | 17:55 IST | — | — | 19:53 IST |
| दिल्ली | आंशिक | 18:21 IST | — | — | 19:53 IST |
| गोवा | आंशिक | 18:40 IST | — | — | 19:53 IST |
| गुजरात | आंशिक | 18:36 IST | — | — | 19:53 IST |
| हरियाणा | आंशिक | 18:19 IST | — | — | 19:53 IST |
| हिमाचल प्रदेश | आंशिक | 18:13 IST | — | — | 19:53 IST |
| जम्मू और कश्मीर | आंशिक | 18:21 IST | — | — | 19:53 IST |
| झारखंड | आंशिक | 17:39 IST | — | — | 19:53 IST |
| कर्नाटक | आंशिक | 18:24 IST | — | — | 19:53 IST |
| केरल | आंशिक | 18:30 IST | — | — | 19:53 IST |
| लक्षद्वीप | आंशिक | 18:45 IST | — | — | 19:53 IST |
| मध्य प्रदेश | आंशिक | 18:00 IST | — | — | 1 |
ग्रहण देखने के लिए खास टिप्स
पूर्वी क्षितिज (Eastern Horizon): ग्रहण देखने के लिए ऐसी जगह चुनें जहाँ से पूर्वी आसमान साफ दिखे।
कोई चश्मा नहीं चाहिए: सूर्य ग्रहण के उलट, चंद्र ग्रहण को आप नंगी आँखों से सुरक्षित देख सकते हैं।
बेस्ट लोकेशन: अगर आप शहर की चकाचौंध से दूर किसी ऊंची छत या पार्क में जाते हैं, तो नजारा और भी खिलकर दिखेगा।
कुछ अनसुने तथ्य
होली और ग्रहण का संयोग: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली पर ग्रहण लगना एक दुर्लभ घटना है। कई विद्वान इसे प्रकृति में बड़े बदलाव का संकेत मानते हैं।
अगला ग्रहण कब? अगर आप आज का मौका चूक गए, तो अगले पूर्ण चंद्र ग्रहण के लिए आपको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि ऐसी घटनाएं हर साल नहीं होतीं।
सावधानी: सूतक काल की वजह से कई मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और होली की पूजा दोपहर से पहले ही संपन्न कर लेना बेहतर माना जा रहा है।
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

