देशभर में 2 मार्च को होलिका दहन करने के बाद अब 4 मार्च को होली खेली जाएगी. इस बीच जोधपुर में होली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है. हालांकि ग्रहण के चलते कुछ स्थानों पर त्योहार का उत्साह थोड़ा फीका नजर आया, लेकिन जोधपुर में रंगों की खुमारी चरम पर दिखाई दी.
खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी इस रंगोत्सव में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने जमकर गुलाल उड़ाया और भारतीय गानों पर जबरदस्त थिरकते हुए नजर आए. लोगों के साथ विदेशी पर्यटकों में होली को लेकर काफी उत्साह और उमंग है.
होली के अवसर क्या बोले विदेशी पर्यटक?
इस दौरान विदेशी सैलानी ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि हम खासतौर पर भारत होली मनाने आए हैं. यहां का माहौल बहुत शानदार है. सभी लोग मिलकर रंग खेलते हैं, यह हमारे लिए बेहद खास अनुभव है.
शहर के ऐतिहासिक सदर बाजार और घंटाघर क्षेत्र में सुबह से ही रंग-गुलाल उड़ता नजर आया. स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं. लोकगीतों और ढोल की थाप पर विदेशी मेहमानों ने भी जमकर नृत्य किया और भारतीय संस्कृति का आनंद लिया.
भारत की तरह विदेश में नहीं होती रंगों की होली
विदेशी सैलानियों ने बताया कि वे विशेष रूप से भारत में होली मनाने आते हैं, क्योंकि उनके देशों में इस तरह का रंगों का त्योहार नहीं होता. उनके लिए यह अनुभव बेहद अनोखा और यादगार है. सैलानियों ने कहा कि होली का सबसे सुंदर संदेश यह है कि इस दिन सभी लोग भेदभाव भुलाकर एक ही रंग में रंग जाते हैं.
ग्रहण की चर्चा के बावजूद जोधपुर में होली का उत्साह कम नहीं हुआ. आपसी समरसता, भाईचारे और प्रेम के प्रतीक इस पर्व ने एक बार फिर देश-विदेश के लोगों को एक सूत्र में बांध दिया. फिलहाल स्थानीय लोगों और बच्चों में होली को लेकर बेहद खुशियां मनाई जा रही हैं. त्योहार के बीच हर किसी के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं.

