अहमदाबाद: गुजरात में कुछ दिन पहले सूरत म्युनिसिपल कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहीं आईएएस शालिनी अग्रवाल सुर्खियों में हैं। उन्होंने गुजरात के बड़े शहरों की बतौर कलेक्टर और कमिश्वर जिम्मेदारी संभालने के बाद कल के शहर कैसे होने चाहिए? इसको लेकर एक बुक लिखी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शेपिंग टुमारो सिटीज (Shaping Tomorrow’s Cities) बुक को गांधीनगर में लांच किया। शालिनी अग्रवाल वर्तमान में गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) की मैंनेजिंग डायरेक्टर हैं। उन्हें राज्य सरकार ने जनवरी, 2026 में यह जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे पहले वह सूरत की निगम आयुक्त थीं। इससे पहले वह वडोदरा की म्युनिसिपल कमिश्नर और पहले कलेक्टर थीं।
सूरत कमिश्नर के तौर पर छोड़ी बड़ी छाप
गुजरात कैडर आईएएस शालिनी अग्रवाल के सूरत महानगरपालिका निगम कमिश्नर रहते हुए शहर ने स्वच्छता में ऊंची छलांग लगाई थी। शहर को इंदौर के साथ पहली रैंक हासिल हुई थी। 2005 बैच की आईएएस शालिनी अग्रवाल ने किताब में आने वाले कल के शहरों को क्लाइमेट रिस्क से लेकर ग्रीन अवसर में बदलने के बारे में बात की है। शालिनी अग्रवाल की यह किताब ऐसे वक्त पर गुजरात मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लांच की जब राज्य सरकर ने बड़े शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने पर फोकस कर रही है। राज्य सरकार ने साल 2025 को शहरीकरण विकास वर्ष के तौर पर मनाया था। राज्य सरकार ने ऐसा गुजरात शहरी विकास के 20 साल पूरे होने पर किया था। इसे पीएम मोदी ने शुरू किया था।
ब्रिज सिटी को जल्द दौड़ेगी मेट्रो
सूरत की पहचान डायमंड सिटी के तौर पर दुनियाभर में है। इंफ्रास्ट्रक्चर में मामले सूरत में पिछले कुल सालों में काफी तरक्की की है। सूरत की पहचान ब्रिज सिटी के तौर पर भी हो गई है। शालिनी अग्रवाल ने अपनी बुक कवरपेज पर एक ग्रीन और विश्वस्तरीय शहर को पेटिंग के जरिए से दर्शाया है। उन्होंने अपनी बुक में पीएम नरेंद्र मोदी के पंचामृत संकल्प की चर्चा की है। बुक में उन्होंने सूरत कैसे प्रोग्रेसिव सिटी के तौर उभरी इसके बारे में चर्चा करते हुए विस्तार से समझाया है। शालिनी अग्रवाल की किताब राज्य सरकार के नए सैटेलाइट सिटी के विकास में मदद हो सकती है। शालिनी अग्रवाल ने बताया है कि एक अनुमान के तहत 2050 तक विश्व की करीब 70 फीसदी आबादी शहरों में होगी।
कौन हैं शालिनी अग्रवाल?
2005 बैच की शालिनी अग्रवाल गुजरात कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वे अब तक गुजरात में कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। वडोदरा कलेक्टर फिर निगम कमिश्नर रहने के बाद वह सूरत की निगम कमिश्नर बनी थीं। हाल ही में वह GUVNL की एमडी बनीं है। शालिनी अग्रवाल मूलरूप से बिहार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से ‘शॉर्प स्ट्रैटेजिस्ट’ शालिनी की छवि बनाई है। बिहार यूनिवर्सिटी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। सिविल सेवा में दो दशक पूरे करने वाले शालिनी अग्रवाल गुजरात के सीनियर आईएएस ऑफिसर्स में शुमार हैं।

