रायपुर। राज्य आंदोलनकारी छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अनिल दुबे, जी.पी.चंद्राकर, दीनदयाल वर्मा, जागेश्वर प्रसाद, चेतन देवांगन, अशोक ताम्रकर, लालाराम वर्मा, महेंद्र कौशिक, ईश्वर साहू, गोवर्धन वर्मा, गिरधारी ठाकुर अशोक कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सत्ता पे बैठी कांग्रेस ने किसानों के लिए बड़ा हृदय खोलते हुए किसानों की मांगों पर सड़क की लड़ाई प्रारंभ कर दी है। जो स्वागत योग्य है। परंतु छत्तीसगढ़ की सभी मंडियां और उप मंडियां किसानों के उपज की खरीदी का केंद्र था। जिसे भाजपा सरकार ने उखाड़ दिया और अभी मंडियों को बंद कर दिया। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन के चलते दर्जनों मंडियां प्रारंभ हुए। पर आज भी मंडी और उप मंडी किसानों के उपज के बिक्री के लिए व्यवस्था नहीं बना पाई है। यह भूपेश सरकार की नाकामी है। भूपेश सरकार तत्काल सात दिन में सभी मंडियों पर खरीदी बिक्री प्रारंभ कराये। समर्थन मूल्य में सबसे बड़ा बाधक सौदा पत्रक है जिसे छत्तीसगढ़ सरकार अमलीजामा पहना रखा है। समर्थन मूल्य में खरीदी बिक्री सौदा पत्रक के चलते कभी हो ही नहीं सकती। भूपेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को भी अवगत कराये की 2 वर्ष में भूपेश सरकार ने किसानों के मांगों को क्यों पूरा नहीं किया। वक्त रहते भूपेश सरकार किसान के हित पर कदम उठाये। श्री नरेंद्र मोदी सरकार जैसा कथनी और करनी में अंतर किसानों की जगह उद्योग पति, कंपनियों की सरकार न बन कर रह जाए। भारत में चल रहे किसान विरोधी तीनों कानून वापस लेने आंदोलन का मोर्चा साक्षर समर्थन करता है।
