पश्चिम बंगाल में SIR के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रदर्शन पर शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग SIR की आड़ में भाजपा का एजेंडा चला रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है. यह बयान शनिवार को तब आया जब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है.

लोकतंत्र के साथ हो रहा खिलवाड़- प्रियंका चतुर्वेदी

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा ने मतदाताओं के अधिकार को अमान्य करने की कला में महारत हासिल कर ली है. उनके अनुसार लोकतंत्र में मतदाता को अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार होता है, लेकिन अगर चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं जाते तो संवैधानिक खामियों का इस्तेमाल कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जाती है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने “कठपुतली मुख्यमंत्री” को स्थापित करने के लिए हर संभव संवैधानिक रास्ते का इस्तेमाल करती है और इस प्रक्रिया में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी होती है.

कई राज्यों के उदाहरण देकर साधा निशाना

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है बल्कि देश के कई राज्यों में इसी तरह की स्थिति देखी जा चुकी है. उनके अनुसार बिहार और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया है. उनके मुताबिक झारखंड और दिल्ली में CBI, आयकर विभाग और ED की कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष पहले सवाल उठाता रहा है.

प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग से सीधे सवाल करते हुए कहा कि अगर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि अब तक आयोग क्या कर रहा था. एएनआई को दिए बयान में उन्होंने पूछा कि यदि इतने नाम अवैध थे तो वे मतदाता सूची में आए कैसे और इतने समय तक बने कैसे रहे. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है या पूरी तरह स्वतंत्र तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है.

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