अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि यह केवल राष्ट्रपति का ही नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और आदिवासी समाज का भी अपमान है.

दिल्ली में रिंग मेट्रो का शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश अपनी माताओं, बहनों और बेटियों की उपलब्धियों का गौरव गान कर रहा है, तब उन्हें एक पीड़ा देशवासियों के साथ साझा करनी पड़ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का घोर अपमान किया. पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, ‘मैं इस मंच से घोषणा कर रहा हूं कि बहुत जल्द लोग टीएमसी सरकार को बदल देंगे.’

राष्ट्रपति की गरिमा का अपमान

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू पश्चिम बंगाल में आदिवासी परंपरा के एक महत्वपूर्ण उत्सव में शामिल होने गई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में आदिवासी समाज के गौरव का सम्मान करने के बजाय टीएमसी सरकार ने न केवल उस कार्यक्रम का बहिष्कार किया, बल्कि राष्ट्रपति की गरिमा का भी सम्मान नहीं किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और संथाल समुदाय के विकास को लेकर हमेशा चिंतित रही हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना राष्ट्रपति के अपमान के साथ-साथ देश के संविधान की भावना और लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है. उन्होंने कहा कि जिन बहनों और बेटियों ने संघर्ष करके ऊंचाइयां हासिल की हैं, उनके सम्मान को भी ठेस पहुंची है.

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे शास्त्रों में कहा गया है- अहंकारः हतः पुष्टः समूलं च विनश्यति, यानी अहंकार में डूबा व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः उसका विनाश निश्चित है.’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अपमान करने वाली टीएमसी की राजनीति और सत्ता का अहंकार जल्द ही समाप्त हो जाएगा.

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल की जागरूक जनता राष्ट्रपति, आदिवासी समाज और नारी शक्ति के अपमान को कभी माफ नहीं करेगी.

केंद्र ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

इस मामले को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से रविवार शाम 5 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था और काफिले के मार्ग से जुड़ी कथित लापरवाहियों पर स्पष्टीकरण मांगा है. गृह सचिव ने अपने पत्र में ‘ब्लू बुक ’ में निर्धारित नियमों के संभावित उल्लंघन पर भी जवाब मांगा है. ब्लू बुक एक गोपनीय दस्तावेज है, जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनके परिवार के लिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं.

सूत्रों के अनुसार, केंद्र को विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति है कि राष्ट्रपति के राज्य में पहुंचने के समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की अनुपस्थिति रही, जिसे प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है. इसके अलावा, राष्ट्रपति के लिए बनाए गए शौचालय में पानी न होने और उनके काफिले के मार्ग पर कूड़ा-कचरा होने की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया है. केंद्र सरकार ने इन सभी कथित लापरवाहियों पर पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण देने को कहा है.

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