नई दिल्ली. मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई है. इस वजह से कई भारतीय जहाज अपने तय गंतव्य तक नहीं पहुंच सके और उन्हें वापस भारतीय बंदरगाहों की ओर लौटना पड़ा. इस स्थिति ने निर्यातकों और शिपिंग कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी. कई कंपनियों का माल विदेशों तक नहीं पहुंच पाया और जहाजों के साथ वापस भारत लौट आया. इसी परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने निर्यातकों को राहत देने के लिए नियमों में अस्थायी ढील देने का फैसला किया है.

सरकार ने जारी की सरलीकृत प्रक्रिया
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इस संबंध में एक नया परिपत्र जारी किया है. इसके तहत भारतीय बंदरगाहों पर वापस आने वाले निर्यात कार्गो के निपटान के लिए सरल प्रक्रिया लागू की गई है. नई व्यवस्था के अनुसार ऐसे कंटेनरों को बंदरगाह टर्मिनलों पर उतारने के लिए सामान्य आयात दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी. यानी निर्यातक और शिपिंग कंपनियां बिना अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया के अपने कंटेनरों को बंदरगाह पर उतार सकेंगी. हालांकि यह राहत अस्थायी है और परिपत्र जारी होने की तारीख से 15 दिनों तक लागू रहेगी.

कस्टम अधिकारियों की जांच रहेगी अनिवार्य
हालांकि प्रक्रिया आसान की गई है, लेकिन सुरक्षा और निगरानी से समझौता नहीं किया गया है. बंदरगाह पर लौटने वाले कंटेनरों को उतारने से पहले कस्टम अधिकारी शिपिंग दस्तावेजों की जांच करेंगे. वे कंटेनर से जुड़े विवरण का मिलान संबंधित शिपिंग बिल से करेंगे और यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कंटेनर की सील सही सलामत है. यदि किसी कंटेनर की सील टूटी हुई या छेड़छाड़ की हुई पाई जाती है, तो उस कंटेनर का पूरा निरीक्षण किया जाएगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लौटने वाले कार्गो में किसी प्रकार की अनियमितता न हो.

शिपिंग बिल रद्द करने की भी मिलेगी सुविधा
सरकार ने निर्यातकों को एक और बड़ी सुविधा दी है. अगर कोई कार्गो विदेश तक नहीं पहुंच पाया है तो उसके लिए जारी शिपिंग बिल को रद्द करने की अनुमति भी दी जाएगी. यह सुविधा तब भी उपलब्ध होगी जब निर्यात सामान्य घोषणापत्र यानी ईजीएम पहले ही दाखिल किया जा चुका हो. जल्द ही भारतीय सीमा शुल्क इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर इसके लिए नया विकल्प जोड़ा जाएगा. शिपिंग बिल रद्द होने के बाद इसकी जानकारी रिजर्व बैंक और विदेश व्यापार महानिदेशालय जैसी एजेंसियों को भी भेजी जाएगी, ताकि निर्यात से जुड़े रिकॉर्ड सही तरीके से अपडेट हो सकें.

कर लाभ मिलने पर राशि लौटानी होगी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी निर्यातक को पहले से कर लाभ या निर्यात प्रोत्साहन मिल चुका है, तो उसे यह राशि वापस करनी होगी. इसमें आईजीएसटी रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक जैसी सुविधाएं शामिल हैं. चूंकि संबंधित माल विदेश तक पहुंचा ही नहीं, इसलिए उस पर मिले लाभ को सरकार को लौटाना जरूरी होगा. सरकार का मानना है कि इस कदम से निर्यातकों को तत्काल राहत मिलेगी और साथ ही राजस्व से जुड़े नियमों का भी सही पालन हो सकेगा.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version