महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में गैस की कमी का असर अब होटलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. आहार (एसोसिएशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट) के मुताबिक शहर में करीब 10 से 20 प्रतिशत होटल पहले ही बंद हो चुके हैं और अगर अगले तीन दिन तक गैस की कमी जारी रही तो मुंबई के लगभग 50 प्रतिशत होटल बंद होने की स्थिति आ सकती है. डोंगरी इलाके की तस्वीरों में कई होटलों के शटर बंद नजर आ रहे हैं.
‘सद्गुरु होटल’ के मालिक ने बताया कि उनके पास आख़िरी सिलेंडर में भी सिर्फ थोड़ी गैस बची है, जिसके खत्म होते ही होटल बंद करना पड़ेगा. होटल मालिकों का कहना है कि मुंबई जैसे शहर में जगह की कमी के कारण गैस स्टोर करना भी संभव नहीं होता और इस तरह की स्थिति के लिए वे पहले से तैयार नहीं थे.
होटल संगठनों का प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्या को लेकर संबंधित मंत्री से मुलाकात करने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से देश और राज्य में गैस की कमी देखी जा रही है और अब इसका असर मुंबई में भी महसूस होने लगा है.
25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड शुरू
उधर, फ्यूल सप्लाई से जुड़ी रुकावटों को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू और नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. मिनिस्ट्री ने ऑयल रिफाइनरियों को अतिरिक्त एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपयोग के लिए इसे सुनिश्चित करने के ऑर्डर जारी किए हैं. साथ ही जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड भी लागू किया गया है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने फ्यूल सप्लाई में मौजूदा जियोपॉलिटिकल रुकावटों और एलपीजी की सप्लाई पर रुकावटों को देखते हुए ऑयल रिफाइनरियों को ज़्यादा एलपीजी प्रोडक्शन करने और इस एक्स्ट्रा प्रोडक्शन का इस्तेमाल घरेलू एलपीजी इस्तेमाल के लिए करने के ऑर्डर दिए हैं.मंत्रालय ने घरों में घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी है और जमाखोरी/ब्लैक मार्केटिंग से बचने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड शुरू किया है.

