अमेरिका और इजरायल के साथ छिड़े ईरान के युद्ध के चलते भारत में भी रोजाना तमाम अफवाहें सामने आ रही हैं. राजस्थान में पिछले हफ्ते युद्ध की वजह से पेट्रोल और डीजल का संकट पैदा होने की अफवाह ने खलबली मचा दी थी, तो अब कामर्शियल गैस सिलेंडर्स की कमी की चर्चाओं ने हाहाकार मचा दिया है. हालांकि राजस्थान सरकार ने इसे भी पूरी तरह अफवाह करार देते हुए साफ कर दिया है कि फिलहाल घरेलू और कामर्शियल दोनों ही तरह के गैस सिलेंडर्स को लेकर किसी तरह की कोई कमी नहीं है और ना ही आने वाले दिनों में संकट जैसी कोई स्थिति आने वाली है.
दरअसल राजधानी जयपुर समेत राजस्थान के तमाम हिस्सों में पिछले दो दिनों से यह चर्चा जोरों पर है कि राज्य में आने वाले दिनों में कामर्शियल गैस सिलेंडर्स का संकट पैदा होने वाला है और सप्लाई बाधित हो सकती है. हुआ यूं कि युद्ध के चलते पहले घरेलू और कामर्शियल दोनों ही तरह के गैस सिलेंडर्स की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. इसके बाद घरेलू सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही किए जाने का फैसला लिया गया.
आने वाले दिनों में दिक्कतों का किया गया दावा
नियमों में बदलाव की वजह से घरेलू उपभोक्ताओं को दिक्कत ना हो, इसके लिए कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर मुहैया कराने को कहा. इसे कुछ लोगों ने तोड़ मरोड़ कर पेश किया और यह दावा किया कि कामर्शियल गैस सिलेंडर्स की सप्लाई नहीं हो रही है. आने वाले दिनों में दिक्कत हो सकती है और शादी ब्याह से लेकर रेस्टोरेंट व होटलों पर असर इसका पड़ सकता है.
यह चर्चा तेजी से फैली तो विभाग भी हरकत में आ गया. राजस्थान के फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्मेंट का साफ तौर पर कहना है कि घरेलू और कामर्शियल दोनों ही तरह के गैस सिलेंडर्स की कोई कमी नहीं है. संकट की बात पूरी तरह अफवाह है. लोगों को अफवाह से बचने की नसीहत दी गई है.
क्यों फैली अफवाह?
दरअसल विभाग से जुड़े जिम्मेदार लोगों का कहना है कि तमाम लोग अफवाह के चलते घरेलू और कामर्शियल दोनों ही तरह के गैस सिलेंडर्स स्टॉक कर लेना चाहते हैं. इसे लेकर डिस्ट्रीब्यूटर्स को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. वे उसी के तहत काम कर रहे हैं और लोगों को बेवजह का स्टॉक करने से मना कर रहे हैं, जिसके चलते यह अफवाह फैली है.
विभाग का दावा है कि किसी तरह का कोई संकट नहीं है. पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर्स मौजूद हैं. केंद्र सरकार की तरफ से भी पहले की तरह ही गैस भरे सिलेंडर मिल रहे हैं. राजस्थान की सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है. कहा जा सकता है कि युद्ध के चलते राजस्थान में पहले पेट्रोल डीजल के संकट की हवा उड़ाकर लोगों की भीड़ इकट्ठा की गई और अब कामर्शियल गैस सिलेंडर्स की कमी की अफवाह ने लोगों को डराने का काम किया है.

