रायपुर। कृषि कानून को लेकर किसानों के आंदोलन को लेकर छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि भाजपा के मंत्री किसानों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। शंका वाले बिंदुओं का निराकरण किया गया है। किसानों की अहम मांग एमएसपी पर हमारे मंत्री ने स्पष्ट किया है कि कभी एमएसपी खत्म नहीं होगा और न ही मंडियों को खत्म किया जाएगा। जमीन नहीं जाएगी, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में किसान को अधिकार है कि वो कभी इसे रद्द कर सकते हैं। विवाद पैदा होने की स्थिति में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट को निराकरण का अधिकार दिया गया है। पत्रकारों से चर्चा में श्री कौशिक ने कहा कि किसान आंदोलन में राजनीति की जा रही है। जो दल विरोध कर रहे है, वो ही यूपीए शासन काल में कृषि सुधार कानून के प्रबल समर्थक थे। 2019 के घोषणा पत्र में कांग्रेस खुद इस तरह के सुधार की बात कह चुकी है। कांग्रेस को अपने घोषणा पत्र को फाड़कर फेंक देना चाहिए और मान लेना चाहिए कि ये सिर्फ घोषणा के लिए था। एनसीपी ने साल 2010 और 11 में राज्य सरकारों को कृषि सुधार के लिए पत्र लिखा था। डीएमके ने भी साल 2016 के घोषणा पत्र में कृषि सुधार कानून की बात कर चुकी है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आगे कहा कि बीजेपी कृषि कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान चलाएगी, जिसका शेड्यूल इस प्रकार है:-14 दिसंबर से 16 दिसंबर तक प्रदेशस्तरीय अभियान, 14 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालाय में भाजपा नेता करेंगे पीसी, भाजपा नेता गिनाएंगे कृषि कानून की खूबियां, 15 दिसंबर को प्रदेश के हर धान खरीदी केंद्र पर भाजपा लगाएगी किसान पंचायत, 15 दिसंबर को ही 3 स्थान पर होगा भाजपा का महापंचायत, 16 दिसंबर को बीजेपी सोशल मीडिया पर चलाएगी समर्थन अभियान
