उत्तर प्रदेश- मिर्जापुर में पुलिस अधीक्षक IPS अपर्णा कौशिक सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग की शिकार हो गयीं IPS अपर्णा कौशिक का एक वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर body shaming का सामना करना पड़ा. मिर्जापुर की SP अपर्णा रजत कौशिक के वीडियो पर भद्दे कमेंट्स आने के बाद कमेंट्स ऑफ करने पड़े..
एक क्राइम पर दिए बाईट/इंटरव्यू को मिर्जापुर पुलिस की ऑफिसियल इंस्टाग्राम पर जैसे ही डाला गया और वो तेजी से वायरल हो गया. लोग महिला आईपीएस के शरीर को लेकर बेहद भद्दे कमेन्ट करने लगे. जिस कारण पुलिस ने कमेन्ट सेक्शन बंद कर दिया. अब यह मामला तूल पकड़ गया गया है. सोशल मीडिया पर इस तरह की सोच वालों पर कंमेंट हो रहे हैं.
अपर्णा कौशिक के वीडियो पर 4 मिलियन से ज्यादा व्यूज आए हैं. जबकि 11 हजार से अधिक कमेन्ट हैं. इनमें ज्यादातर कमेन्ट महिला अधिकारी एक शरीर की बनावट को लेकर हैं. फ़िलहाल इस मामले में पुलिस की तरफ से कोई अधिकारिक कार्रवाई या बयान जैसा अभी कुछ नहीं आया है.
इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है. अगर एक जिम्मेदार पद पर बैठी महिला आईपीएस अधिकारी तक को इस तरह की ट्रोलिंग झेलनी पड़ रही है, तो आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इन टिप्पणियों की निंदा की और सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई. यह मामला अब साइबर बुलिंग और महिलाओं के सम्मान से जुड़ी बड़ी बहस बन चुका है.
2015 बैच की आईपीएस हैं अपर्णा कौशिक
- अपर्णा कौशिक की कहानी सिर्फ एक अफसर की नहीं, बल्कि हिम्मत और फैसले की कहानी है. आईपीएस बनने से पहले वह गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में बिजनेस एनालिस्ट थीं, जहां उन्हें करीब ₹18 लाख सालाना पैकेज मिलता था.
- लेकिन उन्होंने इस आरामदायक करियर को छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया. कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने UPSC परीक्षा पास की और 2015 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं.
- बतौर आईपीएस, अपर्णा रजत कौशिक यूपी के अमेठी में भी पुलिस अधीक्षक पद पर सेवाएं दे चुकी हैं. कासगंज और औरैया जिले की भी कमान संभाल चुकी हैं. लखनऊ में डीसीपी भी रही हैं.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल 13 मार्च को मिर्जापुर पुलिस द्वारा 25 हजार के इनामी गौतस्कर को पकड़ा गया था. इस संबंध में मिर्जापुर एसपी अपर्णा कौशिक द्वारा एक प्रेस बाईट जारी की गयी. जिसे मिर्जापुर पुलिस ने अपने रूटीन प्रोसेस में सभी अधिकारिक सोशल मीडिया के पेजों पर डाला. लेकिन इंस्टाग्राम पर एसपी के शरीर को लेकर ट्रोलिंग शुरू हो गयी. वीडियो तेजी से वायरल हुए और 40 लाख व्यूज तक पहुंच गया. भद्दे कमेन्ट के कारण मिर्जापुर पुलिस ने कमेन्ट सेक्शन बंद कर दिया.
वीडियो पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो डालने के बाद उस पर 4 मिलियन व्यूज से ज्यादा आए, 11 हजार से अधिक कमेन्ट, लगभग चार लाख लोगों वो वीडियो शेयर किया. कमेन्ट में महिला अधिकारी की शारीरिक बनावट, लुक और अपीयरेंस पर आपत्तिजनक और सेक्सिस्ट और बॉडी शेमिंग रिमार्क्स किए. कई कमेन्ट बेहद अश्लील थे. और अधिकारी का मजाक उड़ाया.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
महिला IPS अधिकारी पर इस तरह कमेंट्स से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गयी, ज्यादातर लोगों ने इसकी निंदा की और ऐसे लोगों पर कार्रवाई की वकालत की.

