पश्चिम एशिया में जारी जंग का असर भोपाल के औद्योगिक क्षेत्र पर भी पड़ा है. मंडीदीप के उद्योगों और निर्यात-आयात पर असर साफ नजर आने लगा है. कच्चा माल 60 फीसदी महंगा हो गया है. वहीं, 50 फीसदी इंडस्ट्रीज प्रभावित हुई है. कहा जा रहा है कि अगर आज भी युद्ध रुक जाता है तो सामान्य स्थिति होने में करीब 3 महीने लग जाएंगे.
प्रोडक्शन प्रभावित होने के साथ ही रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. समुद्री रास्ते बंद होने और परिवहन ठप होने से यहां के सैकड़ों कारखानों का आयात-निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे उद्योगपति काफी चिंतित हैं.
सप्लाई चेन टूटने से कच्चे माल की भारी कमी- मूंदड़ा
एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज (AAIM) के अध्यक्ष विकास मूंदड़ा के मुताबिक, सप्लाई चेन टूटने से कच्चे माल की भारी कमी हो गई है. हालात ये हैं कि कच्चे माल के दाम 50-60 फीसदी तक बढ़ गए हैं और दोगुनी कीमत देने पर भी सामान समय पर नहीं मिल पा रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर प्लास्टिक, पैकेजिंग और केमिकल सेक्टर पर पड़ा है, जहां उत्पादन की रफ्तार काफी धीमी हो गई है.
पेट्रोकेमिकल की कमी से कई उद्योग प्रभावित- मूंदड़ा
उन्होंने कहा, ”पेट्रोकेमिकल जो कि क्रूड का बाय प्रोडक्ट है उसकी कमी की वजह से लगभग सारी इंडस्ट्रीज प्रभावित हो रही हैं. सीएनजी, पीएनजी की आपूर्ति न होने की वजह से बहुत सारी इंडस्ट्रीज पर बुरा असर पड़ा है. हालात नहीं सुधरे तो 50% का यह असर आने वाले दिनों में 75 प्रतिशत तक हो जाएगा और उसके बाद कई इंडस्ट्रीज बंद होने की कगार पर आ जाएगी.
इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने से भी उद्योगों पर असर
एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज के प्रमुख ने ये भी कहा कि इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने का असर भी उद्योगों पर पड़ेगा. मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से जो समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं उसके चलते व्यापार ठप पड़ गया है. बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले कई दिनों से युद्ध जारी हैं.

