भारतीय शेयर बाजार में सोमवार की तबाही के बाद मंगलवार की सुबह राहत लेकर आई। सेंसेक्स 1,500 पॉइंट यानी 2 फीसदी उछलकर 74,212 पर खुला और निफ्टी 400 पॉइंट की छलांग के साथ 22,900 पर पहुंचा। बाजार में यह तेजी ट्रंप का नरम रुख, ईरान से बातचीत की खबर और स्ट्राइक 5 दिन के लिए टालने के आधार पर जताई जा रही है। इन सबने मिलकर बाजार में जान फूंक दी। एशियाई बाजारों में भी 2 फीसदी तक की तेजी रही और वॉल स्ट्रीट की पॉजिटिव क्लोजिंग ने भी माहौल बनाया।

मिनटों में 5 लाख करोड़ रुपये वापस

कल जो गया था वह आज लौटने लगा है। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप सोमवार के 415 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 420 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है यानी मिनटों में निवेशकों की झोली में 5 लाख करोड़ वापस आ गए। याद रहे कि सोमवार को बाजार खुलते ही 8 लाख करोड़ स्वाहा हो गए थे। बाजार का यह उतार-चढ़ाव इस वक्त पूरी तरह जंग की खबरों पर चल रहा है। एक अच्छी खबर और अरबों वापस, एक बुरी खबर और अरबों गायब। जिन निवेशकों ने कल की गिरावट में धैर्य रखा उन्हें आज कुछ राहत मिली।

FII की बिकवाली थमने की उम्मीद

रुपये की कमजोरी इस पूरे संकट में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सबसे बड़ा कारण रही है। जब रुपया गिरता है तो विदेशी निवेशकों को डॉलर में मिलने वाला रिटर्न और कम हो जाता है। इसलिए वे भारतीय बाजार से पैसा निकालते हैं।Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को रुपया 34 पैसे मजबूत होकर 93.63 पर खुला। सोमवार को यह 93.97 पर बंद हुआ था। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों ने रुपये को सहारा दिया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट VK विजयकुमार ने इसे बिल्कुल साफ शब्दों में कहा कि बाजार पर सबसे बड़ा बोझ FII की भारी बिकवाली है और इसकी जड़ में रुपये की कमजोरी है। उनके मुताबिक बाजार में असली स्थिरता तभी आएगी जब पहले रुपया स्थिर होगा।

स्ट्राइक टलने से बाजार को राहत

आज की तेजी की सबसे बड़ी वजह है ट्रंप का यह फैसला कि ईरान के पावर और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्लान की गई स्ट्राइक 5 दिन के लिए टाल दी गई है। ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। बस इतना ही काफी था की एसएंडपी 500 और नैस्डैक में 1 फीसदी से अधिक की ठोस बढ़त के बाद जापान, कोरिया और चीन के बाजार 2 फीसदी तक उछले और भारतीय बाजार ने भी इस राहत को हाथोहाथ लिया।

लेकिन यह वही ट्रंप हैं जिन्होंने शनिवार को 48 घंटे में पावर प्लांट उड़ाने की धमकी दी थी। अब 5 दिन की मोहलत ने बाजार को सांस लेने का मौका दिया है। यह राहत कितनी टिकाऊ है यह इन 5 दिनों में होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।

क्या जंग खत्म होने की तारीख तय हो गई?

इस पूरी खबर का सबसे बड़ा और सबसे उम्मीद जगाने वाला हिस्सा है 9 अप्रैल। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रही जंग को 9 अप्रैल तक खत्म करने की संभावित तारीख तय की है। इसके साथ ट्रंप ने खुद कहा कि पिछले दो दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच बहुत productive बातचीत हुई है और मिडिल ईस्ट में पूर्ण और संपूर्ण समाधान की दिशा में काम चल रहा है।

अगर 9 अप्रैल को सचमुच जंग खत्म हुई तो क्रूड तेजी से गिरेगा, डॉलर कमजोर होगा, रुपया मजबूत होगा, FPI वापस आएंगे, सोना और चढ़ेगा और भारतीय बाजार में बड़ी रैली आ सकती है। लेकिन ट्रंप के U-टर्न का इतिहास देखते हुए बाजार इस तारीख पर पूरी तरह भरोसा करने से भी हिचक रहा है।

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