मुंबई: महाराष्ट्र के चर्चित आईपीएस अधिकारी तुषार दोशी को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। सोमवार को एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के कोटे से फडणवीस सरकार में मंत्री शंभूराज देसाई ने जिला पंचायत चुनावों में सतारा पुलिस की भूमिका और खुद के साथ हुए दुर्व्यवहार के मुद्दे को विधानपरिषद में उठाया तो उस वक्त पर सभापति की कुर्सी पर विराजमान उपसभापति नीलम गोरहे ने एसपी को निलंबित करने का आदेश दिए है। नीलम गोरहे के आदेश पर बीजेपी से मंत्री जयकुमार गोरे ने आपत्ति की और कहा कि सीनियर अधिकारी के खिलाफ बिना जांच के ऐसा आदेश देना गलत है। दरसअल, शिंदे की अगुवाई वाल शिवसेना-एनसीसी (अजित पवार) के साथ गठबंधन के बाद भी बहुमत में थी लेकिन जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव में एक वोट से हार गई। बीजेपी जीती। शिंदे की शिवसेना का आरोप है कि ऐसा पुलिस की तौर-तरीकों से हुआ।

मराठा आंदोलन में झेल चुके हैं कार्रवाई

सातारा के पालक मंत्री शंभूराज देसाई ने आरोप लगाया कि जिला ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। एक सोची समझी रणनीति के तहत मुझे और अन्य नेताओं को मतदान प्रक्रिया में शामिल होने से रोका गया। इसे मुद्दे पर बीजेपी और शिवसेना के आमने-सामने आने पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस पूरे मामले की उचित जांच कराई जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गृह विभाग सीएम के पास है। ऐसे में 2001 में पुलिस सेवा में आए आईपीएस तुषार दोशी सुर्खियों में आ गए हैं। यह पहला मौका नहीं है जब तुषार दोशी चर्चा में आए हैं। महाराष्ट्र में साल 2023 मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज करने के बाद आईपीएस तुषार दोशी सरकार ने लंबी छुट्‌टी पर भेज दिया था। राज्य सरकार ने बाद में तुषार जोशी को वापस ड्यूटी पर लिया था। वह अभी सतारा के पुलिस अधीक्षक का दायित्व संभाल रहे थे। ताजा टकराव ने एक बार फिर से उनके सुर्खियों में ला दिया है।

कौन हैं तुषार दोशी ?

तुषार दोशी 2001 में महाराष्ट्र पुलिस में शामिल हुए थे। वह अभी तक कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। इनमें नवी मुंबई में पुलिस उपायुक्त (क्राइम) का पद और पुणे, सोलापुर तथा जालना में मिली जिम्मेदारियां शामिल हैं। उन्होंने राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के साथ भी काम किया है। तुषार दोशी करियर की शुरुआत में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों (चंद्रपुर और गढ़चिरौली) में तैनात रह चुके हैं। वह पुलिस सेवा में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा पास करके आए थे। इसके बाद आईपीएस पर प्रोन्नत हुए हैं। सतारा के एसपी रहते हुए पिछले साल फलटन महिला डॉक्टर सुसाइड केस की जांच भी तुषार दोशी ने संभाली थी। तुषार दोशी महाराष्ट्र के ही रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा (चौथी कक्षा तक) रायगढ़ में पूरी की, जिसके बाद वे छात्रवृत्ति पर धुले के एक सरकारी विद्यानिकेतन में पढ़ने चले गए। बाद में, वे उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए पुणे चले गए और उनके पास भौतिकी (Physics) में स्नातक की डिग्री है। दोशी के पिता रायगढ़ जिला परिषद में कार्यरत थे। तुषार अपने पिता से प्रेरित होकर ही पुलिस बल में आए। उन्होंने MPSC (महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग) की परीक्षा उत्तीर्ण की।

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