चंडीगढ़/मोगा: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मोगा और बाघापुराना डी.सी. और एस.डी.एम. विवाद पर सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी की है और एक अहम फैसला सुनाया है। मामले का निपटारा करते हुए हाई कोर्ट ने आने वाले ब्लॉक समिति चुनावों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एस.डी.एम. के शिकायत पत्र के फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि 9 साल के अनुभव वाले पी.सी.एस. अधिकारी को पता होना चाहिए कि शिकायत कहां और कब दर्ज करानी है। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि यह पत्र किसी तीसरे पक्ष के जरिए कोर्ट तक क्यों पहुंचा। इसके जवाब में एस.डी.एम. ने कहा कि उस समय उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी शिकायत चीफ सेक्रेटरी के पास दर्ज करानी चाहिए थी।
चुनावों में ट्रांसपेरेंसी के लिए खास इंतजाम
कोर्ट ने 28 मार्च 2026 को होने वाले बाघापुराना पंचायत समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनावों के लिए पूरे इंतजाम करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये चुनाव डी.सी. की देखरेख में होंगे और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। कोर्ट ने पारदर्शिता पक्का करने के लिए एडवोकेट जपजीत कौर को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। सिक्योरिटी और रिपोर्टिंग प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि ऑब्जर्वर को इनोवा गाड़ी और पंजाब पुलिस से पूरी सिक्योरिटी दी जाए। ऑब्जर्वर की फीस पटीशनर देगा और चुनावों के बाद वह अपनी रिपोर्ट सीधे कोर्ट को देगा। इन निर्देशों के साथ, हाई कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया है।

